BSF Attack in Tripura: सीमा पर इन दिनों हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अवैध तस्करी के खिलाफ बीएसएफ (BSF) की सख्ती से बौखलाए तस्करों और स्थानीय लोगों का गुस्सा सोमवार को इस कदर फूटा कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाबलों को ही अपना निशाना बना लिया। आशावाडी बॉर्डर आउटपोस्ट के पास हुई इस हिंसक झड़प में असिस्टेंट कमांडेंट समेत कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
आखिर क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ हफ्तों से बीएसएफ ने सीमावर्ती इलाकों में अवैध तस्करी के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई तेज कर दी है। लगातार हो रही कार्यवाहियों से तस्करों के नेटवर्क को करारा झटका लगा है। सोमवार को बीएसएफ की 49वीं बटालियन के जवानों को पुख्ता सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध अवैध सामान लेकर इलाके से गुजरने वाले हैं। इसी सूचना के आधार पर जवानों ने उनका पीछा किया और घेराबंदी कर एक संदिग्ध को दबोच लिया। पकड़े गए शख्स की पहचान हिफजुर रहमान के रूप में हुई है।
ग्रामीणों का दावा और दूसरा पक्ष
घटना के तुरंत बाद माहौल तेजी से गरमा गया। स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि हिफजुर रहमान निर्दोष है और उसे झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि बीएसएफ जवानों ने न सिर्फ उसे हिरासत में लिया, बल्कि लाठियों से उसकी पिटाई भी की। इसी बात से गुस्साए ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने उग्र भीड़ का रूप ले लिया और उन्होंने सुरक्षाबलों को घेर लिया।
वीडियो में दिखी खौफनाक तस्वीर
सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जो उस वक्त की भयावह स्थिति को बयां करता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जैसे ही असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लाठी-डंडों से लैस दर्जनों लोगों की भीड़ उन पर टूट पड़ी। गुस्साई भीड़ ने जवानों की गाड़ी को घेरकर उस पर ताबड़तोड़ वार किए और उसका विंडशील्ड (सामने का शीशा) चकनाचूर कर दिया। जब एक जवान ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, तो लाठियों से उसके पैरों पर वार किया गया। बात यहीं खत्म नहीं हुई; भीड़ ने असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार को सड़क किनारे घेरकर उन पर हमला कर दिया और यहां तक कि उनका हथियार छीनने की भी कोशिश की गई। इस हिंसक झड़प में असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार और तीन अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका नजदीकी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मुख्यमंत्री माणिक साहा की दो टूक: 'हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी'
घटना की गंभीरता को देखते हुए त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में अब तक 8 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर बाकी उपद्रवियों की तलाश भी तेजी से की जा रही है, और सभी दोषियों के खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।







