इन जिलों में यलो अलर्ट, गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
विंध्य और महाकौशल क्षेत्र: रीवा, सीधी, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर और नर्मदापुरम।
दक्षिण और पूर्वी मध्य प्रदेश: छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा।
इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की भी आशंका जताई गई है। राजधानी भोपाल सहित कई अन्य जिलों में भी पिछले कुछ दिनों से आसमान में बादल छाए हुए हैं।
पचमढ़ी से भी ज्यादा ठंडा रहा भोपाल, तापमान में आई बड़ी गिरावट
तूफान और लगातार चल रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और सागर संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान में 2.1 से 4.1 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। आलम यह है कि नवंबर के शुरुआती हफ्ते में ही लोगों को सुबह-शाम हल्के स्वेटर और जैकेट निकालने पड़ गए हैं। हालाँकि, इसके उलट ग्वालियर और शहडोल संभाग के कुछ जिलों में तापमान अभी भी सामान्य से 4.3 से 4.6 डिग्री सेल्सियस ऊपर बना हुआ है, जिससे वहाँ मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।
शाजापुर का ‘गिरवर’ रहा सबसे ठंडा
मध्य प्रदेश में ठंड के लिहाज से बात करें तो शाजापुर जिले का गिरवर सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया, जहाँ न्यूनतम तापमान गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया।
इसके अलावा अन्य प्रमुख ठंडे इलाके रहे:
दमोह: 14.8°C
भोपाल: 15.0°C
पचमढ़ी (नर्मदापुरम): 15.4°C
करौंदी (कटनी): 15.6°C
दिलचस्प बात यह रही कि इस बार प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी की तुलना में राजधानी भोपाल में ज्यादा ठंड महसूस की गई और यहाँ का तापमान पचमढ़ी से भी कम रिकॉर्ड किया गया। वहीं दूसरी ओर, राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान रतलाम और नर्मदापुरम में 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।







