Woman Death Case: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक निजी अस्पताल में महिला की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया है। कान में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची महिला की एंजियोप्लास्टी की गई, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान चली गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
मामला नेहरू नगर स्थित श्रीराम केयर अस्पताल का है। जानकारी के मुताबिक, मस्तूरी क्षेत्र के ठाकुरदेवा निवासी सुखम बाई साहू, पति रामजी साहू, को कान में दर्द की परेशानी थी। परिजन उन्हें उपचार के लिए श्रीराम केयर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां से उन्हें कोनी स्थित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भेजा गया।
एंजियोप्लास्टी के बाद महिला की मौत, परिजनों का हंगामा
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक कुमार ने जांच के दौरान महिला के हृदय में ब्लॉकेज होने की जानकारी दी। इसके बाद एंजियोग्राफी कराने और जरूरत के अनुसार एंजियोप्लास्टी की सलाह दी गई। बाद में महिला को वापस श्रीराम केयर अस्पताल लाया गया, जहां डॉ. अभिषेक कुमार ने उनकी एंजियोप्लास्टी की। बताया गया कि प्रक्रिया के बाद इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। घटना से नाराज परिजन रविवार को बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की मांग
मृतका की बेटी संगीता साहू ने आरोप लगाया कि उनकी मां की मौत अस्पताल में हुई लापरवाही के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही श्रीराम केयर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने की मांग भी की, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
इलाज की प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल
महिला की मौत के बाद अस्पताल में किए गए उपचार को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उनका कहना है कि महिला की मेडिकल रिपोर्ट, एंजियोग्राफी के निष्कर्ष, एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया और इलाज के दौरान रखी गई सावधानियों की जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही मौत के वास्तविक कारणों का भी पता लगाया जाना जरूरी है।पुलिस ने दर्ज किया मर्ग, जांच जारी
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इलाज के दौरान किसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों को गलत बताया है। अब पुलिस जांच और मेडिकल तथ्यों के सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







