चिकित्सा विज्ञान और अत्याधुनिक तकनीक के अनूठे संगम ने एक बार फिर कैंसर के इलाज में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। FV अस्पताल (FV Hospital) के सर्जनों ने अत्याधुनिक Da Vinci Xi (दा विंची एक्सी) रोबोटिक सिस्टम और ICG (इंडोसायनिन ग्रीन) फ्लोरेसेंस इमेजिंग तकनीक का उपयोग करके फेफड़ों के कैंसर से जूझ रही एक 68 वर्षीय महिला का सफल ऑपरेशन किया है। इस उन्नत तकनीक की बदौलत मरीज के फेफड़े से 11 मिमी का ट्यूमर पूरी तरह निकाल दिया गया, जबकि उनके 90% स्वस्थ फेफड़े के ऊतकों (Tissues) को पूरी तरह सुरक्षित रख लिया गया।
बिना किसी लक्षण के साइलेंट अटैक
डाक लक प्रांत की रहने वाली 68 वर्षीय श्रीमती एनडीटीएन (जन्म 1958) के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं थी। उन्हें न तो खांसी थी, न बुखार और न ही सांस लेने में कोई तकलीफ। वह अपनी दिनचर्या पूरी तरह सामान्य रूप से जी रही थीं। लेकिन जब एक नियमित (रूटीन) स्वास्थ्य जांच की रिपोर्ट सामने आई, तो उनके बाएं फेफड़े के निचले हिस्से में 11 मिमी की एक गांठ (Nodule) पाई गई।
शुरुआत में उन्हें इस रिपोर्ट पर विश्वास ही नहीं हुआ। इस गंभीर स्थिति को समझने के लिए उन्होंने वक्ष शल्य चिकित्सा (Thoracic Surgery) विभाग और ‘एफवी दा विंची रोबोटिक सर्जरी केंद्र’ के प्रमुख डॉ. डांग दिन्ह मिन्ह थान्ह से परामर्श किया।
क्यों नहीं पड़ी बायोप्सी की जरूरत?
डॉ. थान्ह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीटी स्कैन और इसके बाद सिर व पेट के अतिरिक्त स्कैन करवाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में न फैला हो। स्कैन में पाया गया कि यह स्टेज 1A फेफड़ों का कैंसर था।
अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा दिशानिर्देशों के अनुसार: यदि फेफड़ों के कैंसर का पता इतनी प्रारंभिक अवस्था में चल जाए, तो ट्यूमर को सीधे सर्जरी द्वारा निकालना ही सबसे प्रभावी इलाज माना जाता है। ऐसे मामलों में अनावश्यक बायोप्सी की आवश्यकता नहीं होती है।
डॉ. थान्ह ने मरीज को ढांढस बंधाते हुए कहा, "सौभाग्य से गांठ बहुत छोटी है। हमें पूरा फेफड़ा निकालने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। बाएं फेफड़े का मात्र 10% हिस्सा निकालकर ही कैंसर को जड़ से खत्म किया जा सकता है।" डॉ. थान्ह के इस भरोसे और रोबोटिक सर्जरी के फायदों को समझने के बाद परिवार ने तुरंत ऑपरेशन की अनुमति दे दी।
ICG फ्लोरेसेंस और दा विंची रोबोट
फेफड़े के छोटे-छोटे खंडों (Segments) को अलग करने की सर्जरी बेहद जटिल होती है। पारंपरिक सर्जरी में स्वस्थ हिस्से और ट्यूमर वाले हिस्से की सटीक सीमा तय करना बहुत मुश्किल होता है। श्रीमती एन. के मामले में यह चुनौती और बड़ी थी क्योंकि गांठ बाएं फेफड़े के ऊपरी हिस्से की सीमा के बिल्कुल पास थी।
इस चुनौती को Da Vinci Xi रोबोटिक सिस्टम और ICG फ्लोरेसेंस इमेजिंग की जुगलबंदी ने बेहद आसान बना दिया:
वास्तविक समय में लाइव मैपिंग (Real-Time Mapping): सर्जरी के दौरान मरीज के शरीर में इंडोसायनिन ग्रीन (ICG) नाम का एक विशेष सुरक्षित फ्लोरोसेंट एजेंट इंजेक्ट किया गया।
हरे रंग में चमका टारगेट: जैसे ही सर्जिकल टीम ने रोबोट के 3D मॉनिटर को 'फ्लोरेसेंस मोड' पर डाला, ट्यूमर वाला हिस्सा और प्रभावित सर्जिकल सीमाएं स्क्रीन पर चमकीले हरे (Green) रंग में लाइव दिखाई देने लगीं।
सटीक रिसेक्शन: इसकी मदद से डॉक्टर थान्ह ने बिना किसी गलती के सिर्फ प्रभावित हिस्से और संबंधित लसीका ग्रंथियों (Lymph Nodes) को हटाया, जिससे 90% स्वस्थ फेफड़ा सुरक्षित बच गया।
मात्र 1 घंटे में सफल ऑपरेशन और 2 दिन में डिस्चार्ज
यह अत्याधुनिक तकनीक का ही असर था कि यह जटिल ऑपरेशन महज एक घंटे में सफलतापूर्वक पूरा हो गया। रोबोटिक सर्जरी में पारंपरिक ओपन सर्जरी की तरह बड़ा चीरा लगाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि केवल 8 मिमी के छोटे चीरे लगाए जाते हैं।
इसका परिणाम यह हुआ कि:
ऑपरेशन के दौरान नाममात्र का रक्तस्राव (Bleeding) हुआ।
मरीज को ऑपरेशन के बाद न के बराबर दर्द का सामना करना पड़ा।
अभूतपूर्व रिकवरी: सर्जरी के मात्र दो दिन बाद श्रीमती एन. को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अस्पताल से डिस्चार्ज होते समय भावुक श्रीमती एन. ने कहा, "मैं डॉक्टर थान्ह और एफवी अस्पताल की नर्सों की दिल से आभारी हूं। उन्होंने रात-दिन मेरी बहुत दयालुता और मुस्कान के साथ देखभाल की।"
कैंसर के खिलाफ क्यों गेम-चेंजर है यह तकनीक?
पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी में ओपन सर्जरी में बदलने की दर 1% से भी कम है। छाती और पेट (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल) की सर्जरी में यह तकनीक वरदान साबित हो रही है। पेट की सर्जरी में ICG तकनीक यह भी जांच लेती है कि टांके वाले स्थान पर रक्त का प्रवाह सही है या नहीं, जिससे भविष्य में रिसाव (Leakage) या घाव न भरने जैसी जटिलताओं का खतरा खत्म हो जाता है।
मरीजों के लिए राहत की घोषणा
इस विश्वस्तरीय और आधुनिक तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए FV अस्पताल एक विशेष पहल चला रहा है। अस्पताल प्रशासन पहले 50 दा विंची एक्सआई रोबोटिक ऑपरेशनों पर 40 मिलियन VND (वियतनामी डोंग) की विशेष छूट दे रहा है।
वैधता: यह ऑफर 15 जून 2026 तक उपलब्ध है।
संपर्क करें: अधिक जानकारी या परामर्श के लिए मरीज सीधे एफवी अस्पताल, 6 गुयेन लुओंग बैंग स्ट्रीट, टैन माई वार्ड, हो ची मिन्ह सिटी या हेल्पलाइन नंबर (028) 3511 3333 पर संपर्क कर सकते हैं।
