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सिम्स में सफल ट्यूमर सर्जरी
सिम्स में सफल ट्यूमर सर्जरी
रायपुर

78 साल की उम्र में जटिल ऑपरेशन सफल, सिम्स के डॉक्टरों ने निकाला 1 किलो का कैंसर

सिम्स के डॉक्टरों ने 78 वर्षीय महिला के अंडाशय से करीब 1 किलो का कैंसरयुक्त ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला। आयुष्मान भारत योजना के तहत महिला का पूरा इलाज और जटिल ऑपरेशन मुफ्त किया गया।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 07 Aug 2026, 11:34 AM · अपडेट: 18 Sep 2026, 06:18 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और उच्च जोखिम वाली सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों की टीम ने दर्रीघाट, बिलासपुर निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला के बाएं अंडाशय से करीब एक किलोग्राम वजन का कैंसरयुक्त ट्यूमर सुरक्षित बाहर निकाला। अधिक उम्र और ट्यूमर के बड़े आकार को देखते हुए यह ऑपरेशन डॉक्टरों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने आपसी समन्वय और सावधानी के साथ सर्जरी पूरी की। सफल ऑपरेशन के बाद महिला की हालत संतोषजनक बताई जा रही है और वे डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं।

गांठ से परेशान थीं महिला

78 वर्षीय महिला पिछले करीब पांच से छह महीनों से पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द और लगातार बढ़ रही गांठ की समस्या से परेशान थीं। समय के साथ उनकी परेशानी बढ़ती गई, जिसके बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद ऑपरेशन और आगे के इलाज की जरूरत बताई। परिवार के अनुसार, निजी अस्पताल में उपचार पर करीब दो से तीन लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई थी। इतनी बड़ी राशि की व्यवस्था करना परिवार के लिए मुश्किल था। आर्थिक परेशानी के कारण परिजन इलाज को लेकर चिंतित थे और कम खर्च में बेहतर उपचार का विकल्प तलाश रहे थे।

सिम्स में मुफ्त इलाज

आर्थिक परेशानी के बीच परिजन बुजुर्ग महिला को लेकर सिम्स बिलासपुर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने मरीज की स्थिति को गंभीरता से देखते हुए आवश्यक जांच शुरू की और उन्हें उपचार के लिए भर्ती किया गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत महिला के इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। योजना के माध्यम से जांच, अस्पताल में भर्ती और जटिल ऑपरेशन सहित पूरा उपचार निशुल्क किया गया। जिस इलाज के लिए निजी अस्पताल में परिवार को दो से तीन लाख रुपये तक खर्च करने पड़ सकते थे, वही इलाज सिम्स में आयुष्मान भारत योजना के तहत बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराया गया।

15×12×10 सेमी का ट्यूमर

सिम्स में महिला की सोनोग्राफी सहित अन्य जरूरी जांच की गई। रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह की जांच में सामने आया कि महिला के बाएं अंडाशय में करीब 15×12×10 सेंटीमीटर आकार का विशाल ट्यूमर मौजूद था। ट्यूमर का आकार काफी बड़ा होने के कारण वह आसपास के महत्वपूर्ण अंगों पर दबाव डाल रहा था। महिला की उम्र 78 वर्ष होने और ट्यूमर के कैंसरयुक्त होने के कारण सामान्य सर्जरी की तुलना में जोखिम काफी अधिक था। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीज की स्थिति का विस्तृत आकलन किया और सर्जरी की योजना तैयार की।

एक किलो का कैंसर

ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने महिला के बाएं अंडाशय से करीब एक किलोग्राम वजन का कैंसरयुक्त ट्यूमर सुरक्षित बाहर निकाला। ट्यूमर के बड़े आकार के कारण आसपास के अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ था। इसके अलावा मरीज की अधिक उम्र के कारण ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव और अन्य जटिलताओं की आशंका भी अधिक थी। डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरतते हुए ट्यूमर को हटाया और प्रभावित हिस्सों का आवश्यक उपचार किया। सर्जरी सफल रहने के बाद मरीज को निगरानी में रखा गया, जहां उनकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।

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