ganja smuggling: जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र में सामने आए 40.200 किलो गांजा तस्करी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में गांजा उपलब्ध कराने वाले मुख्य सप्लायर को ओडिशा के नुआपड़ा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था।पुलिस के मुताबिक, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देश पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में सोर्स प्वाइंट, डेस्टिनेशन प्वाइंट और फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बागबाहरा थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 24/26 की जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई।
फरवरी में कार से पकड़ा गया था 40 किलो गांजा
9 फरवरी 2026 को बागबाहरा पुलिस ने हुंडई वर्ना कार क्रमांक MP 07 AG 8311 से 40.200 किलो गांजा बरामद किया था। जब्त गांजे की कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई थी।इस मामले में पुलिस ने मध्यप्रदेश निवासी सुमीत श्रीवास्तव और रीना भदौरिया को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से गांजा के अलावा घटना में इस्तेमाल हुंडई वर्ना कार और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए थे।
मोबाइल डाटा के विश्लेषण से मिला मुख्य सप्लायर का सुराग
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी और जब्त मोबाइल फोन के डाटा का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसी आधार पर पुलिस को गांजा उपलब्ध कराने वाले मुख्य सोर्स की पहचान और उसके ठिकाने की जानकारी मिली।इसके बाद महासमुंद पुलिस की टीम को ओडिशा भेजा गया। टीम ने नुआपड़ा जिले के कोमना थाना क्षेत्र के सुकलूमुड़ी में घेराबंदी कर 47 वर्षीय शीरी दास को पकड़ा।पुलिस के अनुसार, शीरी दास ही मामले में गिरफ्तार परिवहनकर्ताओं को गांजा उपलब्ध कराने वाला मुख्य सप्लायर था। उसे 3 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
32.20 लाख रुपये की संपत्ति जब्त
इस मामले में पुलिस द्वारा पहले की गई कार्रवाई में कुल 32 लाख 20 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। इसमें 40.200 किलो गांजा, जिसकी कीमत करीब 20 लाख रुपये है, 12 लाख रुपये कीमत की हुंडई वर्ना कार और 20 हजार रुपये कीमत के दो मोबाइल फोन शामिल हैं।पुलिस का कहना है कि मामले में फरार चल रहे मुख्य सोर्स को गिरफ्तार कर गांजा तस्करी के नेटवर्क की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

