नशे के सौदागरों के लिए छत्तीसगढ़ का सांकरा चेक पोस्ट अब एक ऐसा अभेद्य किला बन चुका है, जिसे पार करना उनके लिए नामुमकिन साबित हो रहा है। धमतरी पुलिस ने एक बार फिर मुस्तैदी दिखाते हुए ओडिशा से महाराष्ट्र जा रही गांजे की एक बड़ी खेप को पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर तस्करी के दो बड़े प्रयासों को विफल कर दिया है।
आधी रात का ऑपरेशन और डिक्की में छिपा 'जहर'
रात का सन्नाटा गहरा चुका था, तभी एक सफेद रंग की महेन्द्रा टीयूवी 300 (TUV 300) सांकरा नाके की ओर बढ़ती दिखाई दी। पुलिस की सतर्क निगाहों ने गाड़ी की रफ्तार और उसमें सवार लोगों के हाव-भाव भांप लिए थे। जैसे ही गाड़ी बैरिकेड के पास पहुंची, पुलिस ने उसे घेरे में ले लिया।
गाड़ी रुकते ही अंदर बैठे तीन युवकों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं। जब पुलिस ने गहन तलाशी शुरू की, तो डिक्की के भीतर शातिर तरीके से छिपाए गए 44 पैकेट बरामद हुए। पैकेट खोलते ही चारों ओर गांजे की तीखी गंध फैल गई। तौल करने पर कुल 37 किलो 800 ग्राम गांजा पाया गया, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 18 लाख 90 हजार रुपये आंकी गई है।
ओडिशा से महाराष्ट्र का 'डेथ रूट'
गिरफ्तार आरोपियों से की गई प्रारंभिक पूछताछ में एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह खेप भवानीपटना (ओडिशा) से लोड की गई थी और इसे नासिक (महाराष्ट्र) में खपाने की योजना थी। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त वाहन और चार मोबाइल फोन समेत कुल 25 लाख 30 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
अजय नंदू जाधव (27 वर्ष): निवासी राहता, जिला अहमदनगर, महाराष्ट्र।
मनोहर बालाजी कांबले (35 वर्ष): निवासी शिंदे नासिक रोड, जिला नासिक, महाराष्ट्र।
अंतावन राजू पगारे (19 वर्ष): निवासी गौतम नगर, जिला अहमदनगर, महाराष्ट्र।
24 घंटे में दूसरा बड़ा प्रहार: आंकड़ों की जुबानी
धमतरी पुलिस की यह स्ट्राइक तस्करों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। गौर करने वाली बात यह है कि इसी सांकरा नाके पर ठीक एक दिन पहले 54 किलो 970 ग्राम गांजा पकड़ा गया था।
महज 24 घंटे का रिपोर्ट कार्ड:
कुल बरामद गांजा: 92 किलो 770 ग्राम
कार्रवाई का केंद्र: सांकरा चेक पोस्ट (थाना सिहावा)
कुल जब्ती मूल्य: लाखों रुपये के वाहन और नशीले पदार्थ।
एसपी की रणनीति और सख्त घेराबंदी
सूत्रों के अनुसार, धमतरी पुलिस कप्तान (SP) स्वयं इन चेक पोस्टों की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं। जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सीमावर्ती रास्तों से गुजरने वाले हर संदिग्ध पहिये की बारीकी से जांच की जाए। इसी सख्त ब्रीफिंग और लगातार निरीक्षण का परिणाम है कि तस्कर अब पुलिस के रडार से बच नहीं पा रहे हैं।
थाना सिहावा में आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
सांकरा का यह नाका अब केवल एक सामान्य चेक पोस्ट नहीं, बल्कि नशे के कारोबारियों के लिए 'फांस' बन गया है। पुलिस की इस सक्रियता ने साफ संदेश दे दिया है कि छत्तीसगढ़ की सीमाओं का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए करने वालों का अंजाम सिर्फ और सिर्फ सलाखें होंगी। धमतरी पुलिस की इस उपलब्धि ने अंतर्राज्यीय ड्रग माफियाओं के हौसले पस्त कर दिए हैं।
