छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब घरों तक पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस (PNG) पहुंचाने की परियोजनाओं में आ रही प्रशासनिक अड़चनें दूर हो जाएंगी। राज्य सरकार ने इन बाधाओं को खत्म करने के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ PNG गैस पाइपलाइन परियोजना को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब छत्तीसगढ़ PNG गैस पाइपलाइन के तहत शहरी क्षेत्रों में घर-घर प्राकृतिक गैस पहुंचाने का काम तेजी से होगा।
प्रशासनिक बाधाओं पर लगेगा विराम
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के सभी कलेक्टरों, नगर निगमों और संबंधित निकायों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि वे केंद्र सरकार द्वारा 24 मार्च 2026 को जारी ‘प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश’ का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। इस फैसले का उद्देश्य PNG (Piped Natural Gas) परियोजनाओं में अनुमति, समन्वय और प्रक्रिया से जुड़ी देरी को पूरी तरह समाप्त करना है, जिससे काम तेजी से आगे बढ़ सके।
सिंगल विंडो सिस्टम से मिलेगी बड़ी राहत
अब तक गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए कंपनियों को अलग-अलग विभागों से अनुमति लेनी पड़ती थी, जिससे प्रोजेक्ट में देरी होती थी।
नए सिस्टम के तहत:
- सभी अनुमतियां एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी
- प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी
- समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित की जाएगी
- विभागों के बीच समन्वय आसान होगा
- इससे न सिर्फ परियोजनाओं की गति बढ़ेगी, बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
शहरी परिवारों को होगा सीधा फायदा
PNG गैस की सुविधा मिलने से लोगों को कई स्तर पर लाभ मिलेगा:
- सिलेंडर बुकिंग और इंतजार से छुटकारा
- सुरक्षित और निरंतर गैस आपूर्ति
- पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल विकल्प
- खर्च में भी संभावित कमी
विकास और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार के इस निर्णय से ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। गैस वितरण कंपनियों के लिए प्रक्रियाएं आसान होने से वे तेजी से शहरों में नेटवर्क विस्तार कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री की मंशा: आसान और पारदर्शी व्यवस्था
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का स्पष्ट उद्देश्य है कि आम नागरिकों को सुविधाएं सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से मिलें। यह निर्णय उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ को आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगा।
