पश्चिम एशिया में अमरीका-इस्राएल और ईरान के बीच
संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। ताजा सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाई से पूरे
क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है, जिसका असर ईद अल-फितर और नवरोज जैसे प्रमुख त्योहारों पर भी देखने को मिल रहा
है। बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच
अमरीका ने बड़ा कदम उठाते हुए समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में एक
महीने की छूट देने की घोषणा की है। यह छूट पहले से जहाजों पर लदे तेल पर लागू होगी
और अगले महीने की 19 तारीख तक प्रभावी
रहेगी।
युद्धविराम से इनकार, बढ़ी सैन्य
गतिविधियां
अमरीकी
राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम की संभावना से साफ इनकार किया
है। साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में अन्य देशों की भागीदारी पर
जोर दिया है। मीडिया रिपोर्टों
के अनुसार, अमरीका क्षेत्र में तीन अतिरिक्त
युद्धपोत और करीब 2500 मरीन सैनिक तैनात
कर रहा है, जिससे संभावित जमीनी कार्रवाई के
संकेत मिल रहे हैं।
ब्रिटेन के फैसले पर विवाद
ब्रिटेन
द्वारा अमरीका को अपने सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति देने के फैसले पर ईरान ने
कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इसे खतरनाक
बताते हुए ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर पर नागरिकों की सुरक्षा को जोखिम में
डालने का आरोप लगाया। राष्ट्रपति डॉनल्ड
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अभियान में साथ न देने पर नाटो सहयोगियों की आलोचना भी की
है।
बढ़ता मानवीय संकट
संघर्ष में
अब तक:
- · ईरान में 1300 से अधिक मौतें
- · लेबनान में 1000 से ज्यादा लोग मारे गए
- · इज़राइल में 15 नागरिकों की मौत
- · 13 अमरीकी सैन्य कर्मियों की भी जान गई
इसके अलावा
ईरान और लेबनान में लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं, जिससे मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
