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मुआवजे की मांग पर फैक्ट्री गेट पर प्रदर्शन।
मुआवजे की मांग पर फैक्ट्री गेट पर प्रदर्शन।
रायपुर

फैक्ट्री में करंट से मजदूर की मौत : 2 साथी झुलसे, मुआवजे की मांग पर गेट के सामने धरने पर बैठे परिजन और ग्रामीण

धरसींवा क्षेत्र स्थित जरौदा की नूतन इस्पात फैक्ट्री में करंट लगने से एक मजदूर अनिल यादव की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण फैक्ट्री गेट पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिवार को 40 लाख रुपये मुआवजा और बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी लेने की मांग की।

कीर्तिमान ब्यूरो
कीर्तिमान ब्यूरो
01 Jul 2026, 06:08 PM
रायपुर

रायपुर जिले के धरसींवा विधानसभा क्षेत्र स्थित जरौदा की नूतन इस्पात फैक्ट्री में बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। काम के दौरान करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों का निजी अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के बाद फैक्ट्री के बाहर तनाव का माहौल बन गया। मृतक के परिजन और ग्रामीण फैक्ट्री के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

काम के दौरान करंट की चपेट में आए तीन मजदूर

जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री में नियमित कार्य के दौरान तीन मजदूर अचानक करंट की चपेट में आ गए। हादसे के तुरंत बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने तीनों को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान अनिल यादव ने दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य मजदूरों का उपचार जारी है। उनकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

फैक्ट्री के बाहर जुटी भीड़

अनिल यादव की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में फैक्ट्री पहुंच गए। देखते ही देखते फैक्ट्री के मुख्य गेट पर धरना शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि मजदूरों से जोखिम भरा काम कराया जाता है, लेकिन उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते। उनका आरोप है कि यदि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। प्रदर्शन के दौरान फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई।

परिवार का एकमात्र सहारा था अनिल

हादसे में जान गंवाने वाले अनिल यादव अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी राजेश्वरी यादव, दो छोटे बच्चे और वृद्ध पिता हैं। घटना के बाद परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया है। अस्पताल और फैक्ट्री परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।

40 लाख मुआवजे और बच्चों के भविष्य की मांग

धरना-प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के नेता सोहन निषाद ने मृतक के परिवार को 40 लाख रुपये मुआवजा, बच्चों की शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी लेने की मांग उठाई। उनका कहना था कि हादसे के कई घंटे बाद भी फैक्ट्री प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी परिजनों से मिलने नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में और नाराजगी बढ़ गई।

प्रबंधन के रुख पर नजर

घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। प्रदर्शनकारी मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।

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