मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल-अमेरिका
की बढ़ती तनातनी के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। भारतीय जहाज ग्रीन
सान्वी (Green
Sanvi) ने शनिवार सुबह हॉर्मुज जलडमरूमध्य
पार कर लिया है। इस जहाज में 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी
लदा है और अगले दो दिनों के भीतर यह मुंबई पहुंचने वाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिडिल ईस्ट से जंग शुरू होने
के बाद भारत का सातवां जहाज है, जिसे हॉर्मुज पार
करने की अनुमति मिली। इसके अलावा, दो और भारतीय LPG टैंकर ग्रीन आशा और जग विक्रम भी जल्द ही स्ट्रेट पार कर
भारत पहुंच सकते हैं। इन जहाजों के आने से देश में गैस की किल्लत पर काबू पाने की
उम्मीद है।
ईरान ने भारतीय जहाजों को दी विशेष अनुमति
जंग के बीच भी ईरान ने भारत के साथ
अपने मजबूत रिश्ते का सबूत दिया। कई भारतीय जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार करने
की अनुमति दी गई है, जबकि अन्य देशों
के जहाज अभी भी फंसे हुए हैं। ग्रीन सान्वी इस जंग के बाद मिडिल ईस्ट से निकलने वाला
सातवां भारतीय जहाज है। अभी होर्मुज स्ट्रेट के उस पार लगभग 17 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिनमें: तीन LPG टैंकर, चार क्रूड ऑयल
टैंकर, एक LNG टैंकर, एक केमिकल प्रोडक्ट्स टैंकर,
तीन कंटेनर शिप, दो करियर, दो रूटीन मेंटेनेंस में लगे जहाज, इन सभी जहाजों की
निकासी के लिए भारतीय और ईरानी अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत जारी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, भारत में गैस संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ा है। देश अपनी अधिकांश ऊर्जा जरूरतों के लिए इम्पोर्ट पर निर्भर है। आंकड़े बताते हैं: लगभग 40% कच्चा तेल, 50% से अधिक LNG, 90% LPG सप्लाई इस जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है। बंद होने के कारण भारत में गैस की कमी और आपूर्ति संकट देखने को मिल रहा है।
राहत की उम्मीद
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीन
सान्वी के मुंबई पहुंचते ही एलपीजी की किल्लत में कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना
है। इसके साथ ही अन्य भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे
हैं। “यह हमारे लिए बड़ी राहत है। मिडिल
ईस्ट में जंग के बीच भारत के जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
ग्रीन सान्वी के आने से घरेलू LPG की सप्लाई बहाल
होगी,”
इंडस्ट्री के एक जानकार ने बताया।
