मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर में तेजी से बदल रहे हालात, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। बैठक में विशेष रूप से मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि जिन इलाकों में कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी चुनौती माना जाता था, वहां अब स्वास्थ्य टीमें नियमित रूप से पहुंच रही हैं। डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ दूरस्थ गांवों तक पैदल जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं तथा गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अभियान के तहत मात्र एक महीने में 21.86 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। सभी हितग्राहियों के डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किए गए हैं, जबकि हजारों मरीजों को समय पर इलाज और जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।
सुरक्षा शिविर अब बन रहे जन सुविधा केंद्र
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में स्थापित पुराने सुरक्षा शिविरों को अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। इन्हें धीरे-धीरे जन सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं। इन जन सुविधा केंद्रों के माध्यम से दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को पहली बार कई आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। अब ग्रामीणों को इलाज, बैंक खाते, दस्तावेज और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए दूर-दराज के शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
13 अप्रैल से शुरू हुआ अभियान, 36 लाख लोगों का लक्ष्य
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 को सुकमा से हुई थी। इस अभियान के तहत 36 लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं बस्तर मुन्ने अग्रणी बस्तर अभियान के जरिए 31 महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य तेज़ी से जारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जगदलपुर में नया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू हो चुका है। इससे अब बस्तर के लोगों को गंभीर और महंगे इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही डायल-112 की नेक्स्ट जेन सेवा का विस्तार और सुरक्षा शिविरों को जन सुविधा केंद्रों में बदलने की योजना को बस्तर के स्थायी विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुंच रहा विकास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो इलाके कभी नक्सल प्रभाव के कारण मुख्यधारा से कटे हुए थे, वहां अब सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। हाल ही में सुकमा के एक अत्यंत दुर्गम गांव से गंभीर मरीज को सैकड़ों किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलाना इस बदलाव का बड़ा उदाहरण बना है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री को बस्तर के लिए तैयार व्यापक विकास रोडमैप की भी जानकारी दी। इस रोडमैप में सड़क, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में सकारात्मक बदलाव तेजी से दिखाई दे रहे हैं।
अमित शाह ने की विकास कार्यों की सराहना
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 18 और 19 मई को बस्तर प्रवास संभावित माना जा रहा है। उनके दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी तेज हो गई हैं।

