भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति को और मजबूत करते हुए भारतीय नौसेना ने ‘Sea Dragon 2026’ नामक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में सक्रिय भागीदारी निभाई। यह अभ्यास अमेरिका के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें कई प्रमुख देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया।
यह सैन्य अभ्यास मुख्य रूप से पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare) पर केंद्रित था। भारतीय नौसेना ने इस दौरान अपने अत्याधुनिक निगरानी उपकरणों और युद्धक तकनीकों का प्रदर्शन किया। इस तरह के अभ्यास भारत को न केवल तकनीकी रूप से मजबूत बनाते हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने में भी मदद करते हैं।
Sea Dragon अभ्यास के दौरान विभिन्न देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय, सूचना साझा करने और रणनीतिक संचालन का अभ्यास किया गया। इससे भविष्य में किसी भी समुद्री खतरे से निपटने की क्षमता बढ़ती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए इस प्रकार के अभ्यास भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह भारत की ‘Act East Policy’ और ‘Indo-Pacific Strategy’ को भी मजबूती प्रदान करता है।
आने वाले समय में भारत और अन्य देशों के बीच ऐसे और भी संयुक्त अभ्यास होने की संभावना है, जिससे वैश्विक शांति और सुरक्षा को बल मिलेगा।
