महासमुंद जिले में पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य एवं “ज्ञान भारतम” ऐप में अपलोड की प्रगति के अवलोकन हेतु कलेक्टर विनय कुमार लंगेह आज आर्ष ज्योति गुरुकुल कोसरंगी के पुस्तकालय कक्ष पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वहां संरक्षित सैंकड़ों पांडुलिपियों का बारीकी से अवलोकन किया। विशेष रूप से यहां तालपत्र एवं बांस के माध्यम से संरक्षित रामायण के समस्त कांड, चारों वेद तथा आयुर्वेद से संबंधित महत्वपूर्ण ग्रंथों का संरक्षण किया गया है, जो क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
कलेक्टर लंगेह ने संस्था के आचार्यों को इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि पांडुलिपि सर्वेक्षण भारत की अनमोल सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान हमारी प्राचीन लिपियों एवं ज्ञान को दस्तावेजीकृत कर भावी पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे “ज्ञान भारतम” ऐप डाउनलोड कर इस अभियान से जुड़ें।
अमूल्य धरोहर का संरक्षण
पांडुलिपि रखने वाले व्यक्ति, संग्रहालयों के संस्था प्रमुख एवं अन्य संबंधित व्यक्ति इस कार्य में सक्रिय भागीदारी कर सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि जिले में यदि कहीं भी 100 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियां उपलब्ध हों, तो इसकी जानकारी अवश्य प्रदान करें, ताकि इस अमूल्य धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांडुलिपियों को जमा करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनका फोटो लेकर ऐप में अपलोड करना ही पर्याप्त है।
मोबाइल से प्रक्रिया सरल
जिला संयोजक एवं डीएमसी श्री रेखराज शर्मा ने बताया कि मोबाइल के माध्यम से यह प्रक्रिया अत्यंत सरल है। इसमें चार प्रमुख चरण शामिल हैं— मिशन एवं सेटअप, सर्वेक्षण प्रारंभ करना, विवरण दर्ज करना तथा सबमिशन एवं ट्रैकिंग। उपयोगकर्ता मोबाइल नंबर या ईमेल के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं। सटीक स्थान की जानकारी हेतु ऐप को लोकेशन एक्सेस की आवश्यकता होती है, जिससे पांडुलिपियों के वास्तविक स्थान का रिकॉर्ड सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि सर्वेक्षण के दौरान भाषा का चयन अपनी सुविधा अनुसार किया जा सकता है, किंतु विवरण अंग्रेजी में दर्ज करना अनिवार्य है, जिससे संकलन प्रक्रिया सुगम हो सके।
ये रहे उपस्थित
साथ ही सर्वेक्षण टीम में शामिल संकुल समन्वयकों को भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे, बीआरसीसी जागेश्वर सिन्हा, गुरुकुल के प्राचार्य आचार्य मुकेश कुमार, सीएसी अशोक साहू, सुरेश कुमार, पंचानन, ओंकार, मुरली आर्य, नंदलाल आर्य तथा शिक्षक उमेश एवं टिकेश्वर जी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

