राजस्थान के अलवर जिले से ठगी और धोखेबाज़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। शादी की चाहत में एक युवक इस कदर 'शादी गैंग' (मैरिज ब्रोकर सिंडिकेट) के जाल में फंसा कि उसने न सिर्फ अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी गंवा दी, बल्कि दो-दो बार लुटेरी दुल्हनों का शिकार बन बैठा। फिलहाल पुलिस ने इस पूरे मामले में केस दर्ज कर गिरोह की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं।
मुख्य बिंदु: कैसे बुना गया ठगी का जाल?
पीड़ित: अजय शर्मा (निवासी: मेहताब सिंह का नोहरा, अलवर)
कुल ठगी: 10 लाख रुपये से अधिक (कैश और सामान मिलाकर)
तरीका: कुंवारेपन का फायदा उठाकर दलालों ने दो बार फर्जी शादियां कराईं।
वर्तमान स्थिति: पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
'सुहागरात' पर हल्दी वाले दूध का खौफनाक सच
पीड़ित अजय शर्मा की काफी समय से शादी नहीं हो पा रही थी, जिसका फायदा इलाके के कुछ दलालों ने उठाया। दलालों ने मध्य प्रदेश की एक लड़की की फोटो दिखाकर अजय को झांसे में लिया और लड़की के पिता की बीमारी का बहाना बनाकर 3 लाख रुपये नकद ऐंठ लिए।
शादी बेहद धूमधाम से हुई, लेकिन असली ड्रामा सुहागरात के दिन शुरू हुआ:
साजिश का घूंट: दुल्हन ने सुहागरात के पारंपरिक 'हल्दी वाले दूध' में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ मिला दिया। अजय जैसे ही दूध पीकर बेहोश हुआ, दुल्हन ने घर खंगाल डाला। सुबह जब अजय की आंख खुली, तो दुल्हन गायब थी और साथ ही घर में रखे 3 लाख रुपये कैश और मोबाइल फोन समेत सभी कीमती सामान साफ हो चुके थे।
दलालों का नया पैंतरा और 'तलाकशुदा' का ट्विस्ट
कुछ ही दिनों में अजय की दूसरी शादी करा दी गई। लेकिन अजय की किस्मत में सुकून नहीं था:
शादी के कुछ ही दिनों बाद पता चला कि दूसरी लड़की पहले से तलाकशुदा थी, यह बात अजय से छिपाई गई थी।
कुछ दिन बीतते ही यह दूसरी पत्नी भी घर से फरार हो गई।
अब वह वापस आने के बदले अजय और उसके परिवार से मोटी रकम की डिमांड (वसूली) कर रही है।
पुलिसिया कार्रवाई और ताज़ा अपडेट
इस दोहरे धोखे के बाद जब अजय को समझ आया कि वह किसी आम दलाल के नहीं, बल्कि एक पेशेवर 'लुटेरी दुल्हन गैंग' के हत्थे चढ़ चुका है, तो उसने अलवर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शादी के नाम पर अलग-अलग किस्तों और चोरियों को मिलाकर अजय के 10 लाख रुपये से अधिक डूब चुके हैं।
पुलिस का एक्शन: पुलिस ने आईपीसी/बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी, नशीला पदार्थ खिलाकर लूटपाट और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
साइबर सेल की मदद: दलालों के मोबाइल लोकेशन और बैंक ट्रांजैक्शन की डिटेल खंगाली जा रही है।
अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका: शुरुआती जांच में पुलिस को अंदेशा है कि यह गिरोह मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है, जो उन युवकों को निशाना बनाता है जिनकी शादियां उम्र बीतने के बाद भी नहीं हो पा रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दलालों और दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

