मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के कड़े निर्देशों के बाद प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभागीय अमला दिन-रात सक्रिय रहते हुए अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित कर रहा है। खनिज विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे रेत माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
खनिज विभाग ने अवैध खनन रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग भी तेज कर दिया है। विभागीय टीमों द्वारा ड्रोन कैमरों से निगरानी, रात्रिकालीन गश्त, औचक निरीक्षण और संयुक्त छापेमार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कई क्षेत्रों में अवैध रेत भंडारण और परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विशेष अभियान चलाया गया। शासन के निर्देश पर केंद्रीय उड़नदस्ता और जिला स्तरीय टीमों को लगातार सक्रिय रखा गया है।
कागदेही में औचक जांच के दौरान बड़ा खुलासा
सचिव खनिज साधन विभाग तथा संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने आरंग तहसील के ग्राम कागदेही में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान समोदा-कागदेही मार्ग तथा आर्या पेट्रोल पंप के दक्षिण दिशा में फॉरेस्ट नर्सरी के पास बड़ी मात्रा में बिना वैध अनुमति के गौण खनिज साधारण रेत का भंडारण पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर दस्तावेजों की जांच की, लेकिन वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कार्रवाई की गई। जांच में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 के उल्लंघन की पुष्टि हुई। इसके बाद खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 1740 घनमीटर रेत जप्त की गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जप्त रेत की बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और भंडारण में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।अवैध परिवहन में लगे दो हाईवा वाहन भी जप्त
सघन जांच अभियान के दौरान ग्राम समोदा के पास अवैध रेत परिवहन में लगे दो हाईवा वाहनों को भी पकड़ा गया। कार्रवाई के बाद दोनों वाहनों को जप्त कर आरंग थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। वहीं जप्त रेत को नगर पंचायत समोदा के पार्षद देवेंद्र कुमार साहू के सुपुर्द किया गया है। खनिज विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि अवैध खनन या परिवहन की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

