Sunday, 20 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Korba Double Suicide Case: एक ही फंदे पर लटके मिले युवक-युवती, जांच में जुटी पुलिस CG Road Problem: खाट पर ले जाई गई गर्भवती महिला, नाला पार कर पहुंचाया अस्पताल Hoshiarpur Crime News: अदालत ने दोषी को सुनाई फांसी की सजा, परिवार को मिला न्याय Accident: ट्रेन और ट्रक की चपेट में आए 14 मवेशियों की मौत, प्रशासन ने शुरू की मुआवजा प्रक्रिया CG Police News: ड्यूटी के दौरान शराब सेवन और वाहन हादसे पर आरक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई POCSO Act Case: बालोद में मासूमों के साथ गंभीर अपराध का मामला, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी गिरफ्तार Korba Double Suicide Case: एक ही फंदे पर लटके मिले युवक-युवती, जांच में जुटी पुलिस CG Road Problem: खाट पर ले जाई गई गर्भवती महिला, नाला पार कर पहुंचाया अस्पताल Hoshiarpur Crime News: अदालत ने दोषी को सुनाई फांसी की सजा, परिवार को मिला न्याय Accident: ट्रेन और ट्रक की चपेट में आए 14 मवेशियों की मौत, प्रशासन ने शुरू की मुआवजा प्रक्रिया CG Police News: ड्यूटी के दौरान शराब सेवन और वाहन हादसे पर आरक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई POCSO Act Case: बालोद में मासूमों के साथ गंभीर अपराध का मामला, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी गिरफ्तार
W 𝕏 f
होम चुनाव सियासत :  सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन जो नहीं …
AI फोटो
AI फोटो
चुनाव Featured

सियासत :  सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन जो नहीं कर पाए, वो सुपरपॉलिटिक्स विजय ने कैसे कर दिखाया

तमिलनाडु की राजनीति में 2026 का चुनाव एक बड़ा टर्निंग पॉइंट बनकर उभरा है। विजय ने अपनी पार्टी को सबसे बड़े दल के रूप में खड़ा करने के साथ यह भी साबित किया कि सही रणनीति, टाइमिंग और जमीनी पकड़ से सुपरस्टार सच में सुपर पॉलिटिक्स कर सकता है। विजय की पार्टी जहां सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई, वहां रजनीकांत और कमल हासन जैसे दिग्गजों की राजनीतिक यात्रा अधूरी रह गई। आखिर थलापति विजय ने ऐसा क्या अलग किया, पढ़िए यहां-

डॉ. नीरज गजेंद्र
प्रकाशित: 05 May 2026, 06:20 PM · अपडेट: 12 Sep 2026, 07:13 PM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

तमिल सिनेमा और राजनीति का रिश्ता नया नहीं है। एमजी रामचंद्रन और जे जयललिता ने इस मॉडल को पहले ही सफल बना दिया था, लेकिन उनके बाद यह सवाल बना रहा कि क्या कोई नया फिल्म स्टार उसी स्तर तक पहुंच पाएगारजनीकांत और कमल हासन, दोनों के पास लोकप्रियता, पहचान और राजनीतिक महत्वाकांक्षा थी, लेकिन दोनों की राहें अलग मोड़ पर अटक गईं।

रजनीकांत के मामले में माना जाता है कि उनकी राजनीति में सबसे बड़ी कमी निर्णय की स्पष्टता रही। 1990 के दशक से राजनीति में आने की चर्चाएं चलती रहीं, रजनी वॉयस जैसे शब्द प्रचलन में आए, लेकिन जब निर्णायक वक्त आया तो वे पीछे हट गए। कमल हासन ने पार्टी बनाई और चुनाव लड़ा, लेकिन उनकी राजनीति एलीट डिस्कोर्स में सीमित रही। जमीनी स्तर पर कैडर निर्माण, ग्रामीण पकड़ और व्यापक सामाजिक गठजोड़ बनाने में वे पीछे रह गए। और यहीं पर थलापति विजय ने खेल पलट दिया।

विजय ने राजनीति में प्रवेश के साथ सियासत को एक रणनीतिक अभियान में बदल दिया। उन्होंने अपने फिल्मी करियर के चरम पर राजनीति में आने का जो संदेश दिया कि मैंने अपने स्क्रीन करियर के शिखर को छोड़कर राजनीति में प्रवेश किया है। ये लाइन भावनात्मक अपील ही नहीं, एक सुविचारित राजनीतिक ब्रांडिंग भी थी।

विजय की सफलता का सबसे बड़ा कारण उनका टाइमिंग और टार्गेटिंग है। उन्होंने उस दौर में राजनीति में कदम रखा जब जनता पारंपरिक दलों से थकान महसूस कर रही थी। उन्होंने युवाओं, पहली बार वोट देने वालों और फिल्मी प्रशंसकों को एक संगठित वोट बैंक में बदल दिया।

इसके अलावा, विजय ने अपनी पार्टी को स्टार पावर तक सीमित नहीं रखा, उसे मजबूत संगठनात्मक ढांचे पर भी खड़ा किया। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की तैनाती, सोशल मीडिया का आक्रामक उपयोग और मुद्दा-आधारित प्रचार, ये सभी रणनीतियाउन्हें अन्य फिल्मी नेताओं से अलग बनाती हैं।

यहां एमजी रामचंद्रन और जयललिता का उदाहरण भी महत्वपूर्ण है। दोनों ने सिनेमा की लोकप्रियता को सामाजिक कल्याण और राजनीतिक विश्वसनीयता में बदला था। विजय ने उसी मॉडल को आधुनिक और डिजिटल युग के अनुरूप बना दिया। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि विजय को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। उनकी पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है सरकार बनाने के लिए गठबंधन की जरूरत है। यही वह मोड़ है जहां उनकी असली राजनीतिक परीक्षा शुरू होती है। अगर विजय गठबंधन राजनीति को कुशलता से संभाल लेते हैं, तो वे तमिलनाडु में एक नए युग की शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन यदि वे संगठन और सत्ता संतुलन में चूक करते हैं, तो उनकी सफलता क्षणिक भी साबित हो सकती है।

विजय की सफलता स्टारडम का परिणाम नहीं है, सही समय, स्पष्ट रणनीति और जमीनी जुड़ाव का संगम है। जहां रजनीकांत और कमल हासन की राजनीतिक यात्राएं अधूरी रह गईं, वहीं थलापति विजय ने यह दिखा दिया कि सिनेमा से राजनीति तक का सफर लोकप्रियता नहीं, ठोस राजनीतिक समझ भी मांगता है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? हमारी सुधार नीति देखें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें