जिले के बलौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मधईपुर में एक ही रात चार घरों में सेंधमारी कर दहशत फैलाने वाले गिरोह को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल के सख्त निर्देशों के बाद सक्रिय हुई बलौदा पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये के जेवरात और मशरूका बरामद करने में सफलता हासिल की है।
एक रात, चार घर और सनसनीखेज वारदात
घटना 2 और 3 मई 2026 की दरम्यानी रात की है, जब अज्ञात चोरों ने मधईपुर गांव को अपना निशाना बनाया। चोरों ने योजनाबद्ध तरीके से चार अलग-अलग घरों में धावा बोला:
संतराम रात्रे: घर के भीतर अलमारी से सोने का लॉकेट और चांदी की पायल पार की।
रवि शंकर रात्रे: इनके घर से मंगलसूत्र, पायल, लॉकेट और नकदी पर हाथ साफ किया।
रेशम लाल रात्रे: सूने मकान का ताला तोड़कर चोरों ने कांसे-पीतल के बर्तन, बिछिया और नकदी चोरी की।
विजय कुमार: यहाँ से चोर एलईडी टीवी, मोबाइल फोन, चांदी के सिक्के और सोने के आभूषण ले उड़े।
लगातार हुई इन चोरियों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल था।
तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने पारंपरिक जांच के साथ-साथ साइबर सेल और सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया। संदेह के आधार पर अमृत पटेल, उत्तम पठारे और तुलसी पटेल को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव पहुंचे थे और चारों वारदातों को अंजाम दिया था।
बरामदगी और आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात।
एलईडी टीवी और मोबाइल फोन।
कांस-पीतल के पुराने बर्तन और नकदी।
वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक और एक धारदार चाकू।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी अमृत पटेल सक्ती थाने का लिस्टेड निगरानी बदमाश है। वह पहले भी चोरी के मामलों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था।
कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 305(ए), 112(1) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा और उनकी टीम की सक्रिय भूमिका रही, जिसकी क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है।
