छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक व्यक्ति अपने कार्यस्थल के लिए बस में सवार तो हुआ, लेकिन तय गंतव्य तक कभी पहुंच ही नहीं सका। कई दिनों तक उसका कोई पता नहीं चलने पर परिवार की चिंता बढ़ गई और आखिरकार पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करानी पड़ी। अब यह मामला रहस्यमय बन गया है और पुलिस हर पहलू से इसकी जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला धमतरी सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। नरहरपुर निवासी रविंद्र दुर्गा को उनकी पत्नी संतोषी दुर्गा ने धमतरी बस स्टैंड तक छोड़ने आई थीं। रविंद्र को ओडिशा स्थित अपने कार्यस्थल के लिए बस में बैठाने के बाद संतोषी वापस अपने घर नरहरपुर लौट गईं। उस समय किसी को अंदाजा भी नहीं था कि इसके बाद रविंद्र का कोई सुराग नहीं मिलेगा।
थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी
बताया जा रहा है कि रविंद्र से दो-तीन दिनों तक कोई बातचीत नहीं हो सकी। पहले परिवार ने सामान्य कारण मानकर इंतजार किया, लेकिन जब लगातार संपर्क नहीं हुआ तो संतोषी ने उनके कार्यस्थल पर फोन कर जानकारी ली। वहां से पता चला कि रविंद्र ओडिशा पहुंचे ही नहीं हैं। यह जानकारी मिलते ही परिवार की चिंता और बढ़ गई तथा किसी अनहोनी की आशंका गहरा गई। पति के कार्यस्थल तक नहीं पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद संतोषी तुरंत धमतरी पहुंचीं और सिटी कोतवाली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रविंद्र के बस में चढ़ने के बाद की गतिविधियों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।सीसीटीवी और अन्य सुरागों की तलाश
पुलिस अब बस स्टैंड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही संबंधित बस के कर्मचारियों, यात्रियों और रविंद्र के परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर रविंद्र बस से बीच रास्ते में उतरे थे या उनके साथ कोई अन्य घटना हुई। फिलहाल उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है और जांच लगातार जारी है। रविंद्र दुर्गा की पत्नी संतोषी दुर्गा नरहरपुर क्षेत्र की जानी-मानी पोस्टमार्टम सहायक हैं। वे अब तक 700 से अधिक पोस्टमार्टम कर चुकी हैं। अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री की ओर से विशेष आमंत्रण भी मिला था। अब उनके अपने परिवार पर आई इस परेशानी ने पूरे इलाके में चिंता का माहौल बना दिया है।