छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है। पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। तेज आंधी-तूफान, कड़कती बिजली और गरज-चमक के साथ हुई हल्की से मध्यम बारिश ने जहां लोगों को चिलचिलाती गर्मी से थोड़ी राहत दी है, वहीं व्यवस्थाओं की पोल भी खोल कर रख दी है।
शनिवार की रात राजधानी रायपुर में मौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि (ओले गिरना) शुरू हो गई। तूफान का असर इतना जबरदस्त था कि शहर के कई इलाकों में बड़े-बड़े होर्डिंग्स ताश के पत्तों की तरह उड़ गए।
प्रशासनिक लापरवाही: भारी आंधी के कारण केनाल रोड पर एक विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़क के बीचों-बीच गिर गया, जिससे पूरा रास्ता ब्लॉक हो गया। हैरान करने वाली बात यह रही कि देर रात तक नगर निगम या PWD (लोक निर्माण विभाग) का कोई भी अमला मलबे को हटाने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा।
पुलिस ने संभाला मोर्चा: हादसे और जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस विभाग ने कमान संभाली। पुलिस कर्मियों ने तुरंत बैरिकेडिंग की और रास्ता वन-वे कर यातायात को सुचारू कराया।
रायपुर के अलावा कोरबा, धमतरी और कोंडागांव में भी शनिवार को जमकर बादल बरसे, जिससे नदी-नाले उफान पर आ गए और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: अगले 3 दिन रहें सावधान!
मौसम केंद्र (IMD) ने छत्तीसगढ़ के वासियों के लिए आगामी 72 घंटों का अलर्ट जारी किया है।
तूफानी हवाएं: प्रदेश में अगले 3 दिनों तक गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ (तेज हवाएं) चलने की प्रबल संभावना है।
तापमान का 'डबल अटैक': एक तरफ जहां बारिश और आंधी का दौर जारी रहेगा, वहीं दूसरी तरफ गर्मी भी तेवर दिखाएगी। मौसम विभाग के अनुसार:
अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
इसके बाद के 4 दिनों में पारा धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री और चढ़ेगा, जिससे उमस और बढ़ेगी।

बंगाल की खाड़ी में बना 'लो प्रेशर सिस्टम'
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अचानक आए बदलाव के पीछे कई मौसमी प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं:
लो प्रेशर एरिया: दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बेहद सक्रिय है। इसके साथ ही ऊपरी हवा में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic System) भी बना हुआ है, जो लगातार छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में नमी खींच रहा है।
ट्रफ लाइन का असर: इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र) और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी एक चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ लाइन सक्रिय है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से छत्तीसगढ़ का मौसम बार-बार करवट ले रहा है।

