इंदिरा वार्ड में निकाय उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। कांग्रेस का मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस वार्ड में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। कांग्रेस ने इस वार्ड से रामकृष्ण तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। शुक्रवार दोपहर वे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ नामांकन दाखिल करने निकले। रामकृष्ण तिवारी लंबे समय से दिवंगत पार्षद अब्दुल रशीद के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं, जिससे उनकी स्थानीय पकड़ मजबूत मानी जा रही है।
इधर भाजपा कार्यालय में उपचुनाव को लेकर अहम बैठकें चलती रहीं। पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा आज ही या बहुत जल्द इस सीट से अपने प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है। भाजपा इस बार इंदिरा वार्ड में जीत दर्ज कर अपना खाता खोलने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
48 वार्डों का राजनीतिक समीकरण
जगदलपुर नगर निगम में कुल 48 वार्ड हैं, जिनमें से 30 पर भाजपा के पार्षद काबिज हैं। वहीं कांग्रेस के 16 पार्षद और 2 निर्दलीय पार्षद मौजूद हैं। ऐसे में कांग्रेस अपने गढ़ को बचाए रखने की कोशिश में है, जबकि भाजपा शहर में चल रहे विकास कार्यों के दम पर बढ़त बनाने का दावा कर रही है।
इंदिरा वार्ड पर पिछले लगभग तीन दशकों से कांग्रेस का कब्जा रहा है। ऐसे में भाजपा के लिए यह सीट जीतना आसान नहीं माना जा रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यहां मुकाबला कड़ा होगा और दोनों दलों को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।
1 जून को मतदान, 4 जून को नतीजे तय करेंगे फैसला
इंदिरा वार्ड में कुल 1542 मतदाता हैं। चुनाव प्रचार के लिए दोनों दलों को सीमित समय मिला है, जिसमें घर-घर पहुंचकर वोटरों को साधना होगा। यह वार्ड मिश्रित वर्ग के मतदाताओं वाला माना जाता है, जहां नौकरीपेशा, व्यापारी और कामकाजी लोग शामिल हैं। मतदान 1 जून को होगा और 4 जून को परिणाम तय करेंगे कि जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना है।

