ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पाने की प्रक्रिया में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने पारदर्शिता और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत अब सिर्फ फोटो क्लिक कराने से काम नहीं चलेगा, बल्कि श्रमिकों को फेस स्कैन और e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
1 अप्रैल से लागू होगी नई योजना
1 अप्रैल 2026 से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB G RAM G) योजना लागू की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित रोजगार व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
फेस स्कैन होगा अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत अब श्रमिकों को कार्यस्थल पर अपनी पहचान के लिए फेस स्कैन कराना जरूरी होगा।
- केवल फोटो लेने की पुरानी व्यवस्था खत्म होगी
- फेस स्कैन के जरिए वास्तविक पहचान की पुष्टि होगी
- इससे फर्जी उपस्थिति पर रोक लगेगी
- e-KYC नहीं तो नहीं मिलेगा काम
- योजना में e-KYC को अनिवार्य कर दिया गया है।
सभी पंजीकृत श्रमिकों को e-KYC कराना होगा
- e-KYC नहीं कराने पर रोजगार का लाभ नहीं मिलेगा
- इससे लाभार्थियों का सही डेटा सुनिश्चित होगा
- अब श्रमिकों की उपस्थिति NMMS ऐप के जरिए दर्ज की जाएगी।
- ऐप के माध्यम से फोटो और फेस स्कैन दोनों लिए जाएंगे
- डेटा का मिलान कर उपस्थिति सुनिश्चित होगी
- पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी
क्या बदलेगा ग्रामीण रोजगार में?
नई व्यवस्था से कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:
- फर्जी मजदूरी और घोटालों पर लगाम
- सही लाभार्थियों तक योजना का फायदा
- डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता में वृद्धि
- काम के बदले सही भुगतान सुनिश्चित
