मुख्यमंत्री के ‘जल जीवन मिशन’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE), गरियाबंद द्वारा जिले के वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से मैनपुर विकासखंड के दूरस्थ और पहाड़ी इलाकों में भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद ग्रामीणों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंच सुनिश्चित किया जा रहा है। विभाग द्वारा स्थापित सोलर पंप और हैंडपंप इन क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहे हैं।
ग्रामों में पेयजल अधोसंरचना का विस्तार
मैनपुर विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में पेयजल अधोसंरचना के विस्तार के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। ग्राम तारझर की तीन बसाहटों में से नया तारझर में एक हैंडपंप और एक सोलर पंप पूरी क्षमता के साथ कार्यरत हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इसी तरह कुर्वापानी बसाहट में भी एक हैंडपंप के माध्यम से जल आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है। ग्राम मठाल (राजाडेरा), जो अपेक्षाकृत मैदानी क्षेत्र है, वहां भी एक हैंडपंप स्थापित किया गया है, जिससे गर्मी के मौसम में भी जल स्तर स्थिर रहता है और लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता। वहीं ग्राम भालूडिग्गी के निचले हिस्से में भी हैंडपंप की व्यवस्था की गई है, जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल लगातार उपलब्ध हो रहा है।
सोलर पंपों से जल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत
सौर ऊर्जा आधारित पंपों की स्थापना ने इन क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया है। सोलर पंपों की मदद से बिजली पर निर्भरता काफी हद तक कम हुई है। अब बिजली कटौती या तकनीकी खराबी जैसी समस्याओं का प्रभाव जल आपूर्ति पर नहीं पड़ता। दिनभर धूप से संचालित इन पंपों के माध्यम से पानी की टंकियां लगातार भरती रहती हैं, जिससे ग्रामीणों को निर्बाध रूप से जल उपलब्ध होता है।
दुर्गम क्षेत्रों में पुनर्वास और बुनियादी सुविधाएं
मैनपुर विकासखंड के कुछ क्षेत्र जैसे ऊपरी तारझर, मठाल और भालूडिग्गी का ऊपरी हिस्सा अत्यंत दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जो टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इन इलाकों की भौगोलिक कठिनाइयों को देखते हुए शासन द्वारा संवेदनशीलता के साथ यहां रहने वाले परिवारों के पुनर्वास की भी व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इन्हें पहाड़ के नीचे पक्के मकान और मूलभूत सुविधाएं प्रदान की गई हैं, ताकि वे बेहतर जीवन स्तर प्राप्त कर सकें और शुद्ध पेयजल तथा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आसानी से ले सकें।
जल गुणवत्ता और “हर घर शुद्ध जल” का लक्ष्य
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल स्रोतों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समय-समय पर जल परीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रामीणों को केवल पानी ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और शुद्ध पेयजल प्राप्त हो। विभाग का मुख्य उद्देश्य केवल जल आपूर्ति करना नहीं, बल्कि “हर घर शुद्ध जल” के लक्ष्य को पूर्ण करना है। वर्तमान में सभी स्थापित जल स्रोत सुचारु रूप से कार्य कर रहे हैं और भीषण गर्मी के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बनने दी जा रही है।
