राजधानी रायपुर में प्रेमिका और उसकी मासूम बेटी की सनसनीखेज दोहरी हत्या मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी विक्की उर्फ सुखीराम यादव की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपी की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने साफ कहा कि मामले में पेश किए गए परिस्थितिजन्य, वैज्ञानिक और मेडिकल साक्ष्य इतने मजबूत हैं कि आरोपी के अपराध पर किसी भी तरह का संदेह नहीं बचता।
यह मामला जनवरी 2021 का है। जानकारी के मुताबिक, युवती ने आरोपी विक्की यादव के खिलाफ पहले दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद वह आरोपी पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इसी विवाद के चलते आरोपी ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने रायपुर के एक मैदान के पास युवती पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद वह युवती की मासूम बेटी को रेलवे ट्रैक पर छोड़कर फरार हो गया, जहां मालगाड़ी की चपेट में आने से बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई।
आरोपी की निशानदेही पर मिले अहम सबूत
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि घटना के बाद आरोपी ने गांव के पूर्व सरपंच के सामने अपना जुर्म कबूल किया था। पुलिस जांच के दौरान आरोपी की निशानदेही पर खून से सना चाकू और कपड़े बरामद किए गए। एफएसएल रिपोर्ट में हथियार और कपड़ों पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि हुई। वहीं डीएनए जांच में आरोपी और मृत बच्ची के बीच जैविक संबंध स्थापित हुआ, जिससे अभियोजन पक्ष की कहानी और मजबूत हो गई।
कोर्ट ने कहा कि यह पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित जरूर था, लेकिन घटनाओं की पूरी श्रृंखला सीधे आरोपी की ओर इशारा करती है। मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि युवती की मौत गले पर चाकू से किए गए वार से हुई थी, जबकि बच्ची की मौत ट्रेन से कटने के कारण हुई। अदालत ने आरोपी की ओर से पेश किए गए अचानक उकसावे, मानसिक अस्थिरता और झूठे फंसाने जैसे सभी तर्कों को खारिज कर दिया।
कोर्ट बोला- ‘बेहद क्रूर और सुनियोजित वारदात’
डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने बेहद क्रूर, अमानवीय और सुनियोजित तरीके से इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। ऐसे गंभीर अपराध में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। हाई कोर्ट ने आरोपी को शेष सजा जेल में ही पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
