जिले में चल रहे “सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बुधवार को ग्रामीण और शहरी इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कोटपा एक्ट का उल्लंघन करने वाले 32 पान ठेलों और होटलों पर चालानी कार्रवाई की गई। वहीं कई ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए।
औषधि शाखा की टीम ने करंजा भिलाई, जेवरा-सिरसा और समोदा क्षेत्र में निरीक्षण किया। इस दौरान तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक भी किया गया। जांच में कई दुकानों और होटलों में कोटपा एक्ट के नियमों का उल्लंघन मिला, जिसके बाद औषधि निरीक्षकों और पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए 32 जगहों पर चालान काटे।
वहीं खाद्य शाखा की टीम ने पुलगांव के रॉयल खालसा ढाबा, अंजोरा के ठाकरे ढाबा और खन्ना ढाबा, स्टेशन रोड दुर्ग स्थित केडीएम-केडीबी और श्री सांई इंटरप्राईजेस का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगहों पर वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री एक साथ रखी मिली, जबकि साफ-सफाई और भंडारण व्यवस्था में भी लापरवाही नजर आई।
अधिकारियों ने संचालकों को निर्देश दिए कि वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थ अलग-अलग रखें, रसोई और स्टोरेज क्षेत्र की नियमित सफाई करें और खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगली जांच में गड़बड़ी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मुताबिक जिले में यह अभियान 11 मई तक लगातार जारी रहेगा। उद्देश्य लोगों तक सुरक्षित, स्वच्छ और मानक गुणवत्ता वाला खाद्य पदार्थ पहुंचाना है।
