जिले के सेक्टर-6 स्थित सांई मंदिर में हुई सनसनीखेज लूट की गुत्थी करीब ढाई महीने बाद भी अनसुलझी बनी हुई है। 25-26 फरवरी 2026 की रात हुई इस वारदात के 67 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। लगातार जांच के दावों के बीच अब सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
नकाबपोश बदमाशों ने गार्ड को बनाया बंधक
घटना की रात 4 से 5 नकाबपोश बदमाश मंदिर परिसर में घुसे। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने सबसे पहले वहां तैनात गार्ड को बंधक बनाया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उन्होंने मंदिर में रखे चांदी के सामान और दानपेटी को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की चोरी को अंजाम दिया। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल फैल गया था।
मौके पर पहुंचे थे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। उस समय तत्कालीन एसएसपी विजय अग्रवाल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल की मदद ली, साथ ही आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। इसके बावजूद अब तक जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है।
पूछताछ जारी, लेकिन गिरोह की पहचान नहीं
भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के अनुसार पुलिस लगातार आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि अब तक न तो आरोपियों की पहचान हो सकी है और न ही कोई बड़ा सुराग हाथ लगा है।
उन्होंने कहा कि हर पहलू पर बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के इतने दिनों बाद भी खुलासा न होने से मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि अगर इतने संवेदनशील स्थान पर भी सुरक्षा पुख्ता नहीं है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल पुलिस के लिए यह मामला चुनौती बना हुआ है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर कब तक इस सनसनीखेज लूट का पर्दाफाश हो पाता है।
