छत्तीसगढ़ राज्य में आयोजित वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मुख्य संरक्षक द्वारा जिला मुंगेली से किया गया।
इस अवसर पर पूरे प्रदेश के सभी जिले वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। मुख्य न्यायाधिपति ने सभी जिलों को शुभकामनाएं देते हुए लोक अदालत को त्वरित, सुलभ एवं सस्ता न्याय प्रदान करने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा संबंधित विभागों को अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु समन्वयपूर्वक कार्य करने का आह्वान किया।
नेशनल लोक अदालत का आयोजन
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में 9 मई 2026 को यह लोक अदालत आयोजित की गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अध्यक्ष के निर्देशन में जिला न्यायालय दुर्ग, कुटुम्ब न्यायालय, व्यवहार न्यायालय भिलाई-3, पाटन, धमधा सहित विभिन्न न्यायालयों एवं न्यायाधिकरणों में लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसके अंतर्गत किशोर न्याय बोर्ड, श्रम न्यायालय, स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं), राजस्व न्यायालय एवं उपभोक्ता फोरम भी शामिल रहे।
मामलों का आपसी समझौते से निपटारा
लोक अदालत में दांडिक, सिविल, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, बैंकिंग, विद्युत एवं दूरसंचार से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों का निराकरण किया गया। वर्षों से लंबित विवादों को आपसी समझौते के आधार पर समाप्त किया गया। लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहां किसी पक्ष की हार या जीत नहीं होती, बल्कि आपसी सहमति से समाधान निकाला जाता है।
प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा
इस नेशनल लोक अदालत में कुल 1,79,906 न्यायालयीन प्रकरण तथा 7,75,129 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें कुल समझौता राशि 521,46,70,09.16 रुपये रही। बैंकिंग क्षेत्र के 4,971, विद्युत के 2,887 एवं दूरसंचार के 355 मामलों का भी समाधान किया गया। इसके अलावा 511 दांडिक, 42 क्लेम, 111 पारिवारिक, 381 चेक बाउंस, 41 सिविल, 5 श्रम न्यायालय एवं 8,118 स्थायी लोक अदालत मामलों का निपटारा किया गया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुआ समाधान
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के एक मामले में आवेदक सुनील कुमार ईलमकार के पक्ष में 1,80,000 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। आवेदक बीजापुर में पदस्थ होने के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की गई। दुर्घटना में बस चालक की लापरवाही से हुए नुकसान के आधार पर यह समझौता हुआ।
आपराधिक मामलों में भी हुआ राजीनामा
थाना सुपेला से जुड़े एक मामले में गाली-गलौज, मारपीट और धमकी के प्रकरण में दोनों पक्षों ने बिना दबाव के समझौता कर लिया। इसी प्रकार अन्य आपराधिक मामलों में भी पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से विवाद समाप्त किए गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समझौता
भिलाई नगर के एक आपराधिक मामले में जिला जेल बेमेतरा में निरुद्ध प्रार्थी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर समझाइश दी गई। समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामला समाप्त करने का निर्णय लिया।
अन्य मामलों का भी सौहार्दपूर्ण निपटारा
खंडपीठ क्रमांक 15 में चोरी, मारपीट और अन्य आपराधिक मामलों सहित कई प्रकरणों का समाधान किया गया। पुराने विवादों में भी न्यायालय द्वारा समझाइश देकर पक्षकारों को आपसी सहमति से समझौता करने हेतु प्रेरित किया गया। परिणामस्वरूप कई वर्षों से लंबित मामले समाप्त हो गए।
लोक अदालत से बढ़ा न्याय पर भरोसा
नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन से यह स्पष्ट हुआ कि आपसी संवाद और समझौते के माध्यम से लंबित मामलों का त्वरित समाधान संभव है। इससे न्यायालयों पर बोझ कम होता है और आम नागरिकों को समय पर न्याय प्राप्त होता है।
