जिले में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से फुटहामुड़ा नहर परियोजना पर लगातार कार्य तेज किया जा रहा है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सतत निगरानी और समीक्षा की जा रही है।
इसी क्रम में मंगलवार को जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता हेमलाल कुरेशिया ने ग्राम जोगीडीह और गाड़ाघाट का दौरा कर निर्माणाधीन नहर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं का बारीकी से अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने स्थानीय कृषकों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को विस्तार से सुना।
किसानों की समस्या का होगा समाधान
कृषकों ने इस दौरान सिंचाई व्यवस्था की अपर्याप्तता, भू-अर्जन से जुड़ी परेशानियां तथा निर्माण कार्य की गति से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कार्यपालन अभियंता ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक तकनीकी उपायों को अपनाया जा रहा है।
करवाया जाएगा सर्वेक्षण
ग्राम जोगीडीह के किसानों ने अतिरिक्त सिंचाई सुविधा की मांग रखते हुए नहर से अधिक क्षेत्र को जोड़ने की आवश्यकता जताई। इस पर कार्यपालन अभियंता ने कहा कि विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाएगा और लिफ्ट एरिगेशन प्रणाली के माध्यम से फुटहामुड़ा तक पानी पहुंचाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो क्षेत्र के किसानों को स्थायी और पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सकेगी, जिससे उनकी खेती की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
किसी प्रकार का समझौता
उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व ही कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने परियोजना से प्रभावित गांवों के किसानों की बैठक लेकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना था। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता न हो।
कृषि उत्पादन को मिलेगी नई दिशा
फुटहामुड़ा नहर परियोजना के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में सिंचाई का दायरा काफी बढ़ेगा। इससे न केवल किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा, बल्कि उनकी आय में भी वृद्धि होगी और कृषि उत्पादन को नई दिशा मिलेगी। जिला प्रशासन इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हुए इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

