📅 Friday, 15 May 2026 भारत
ब्रेकिंग
हाई-प्रोफाइल जाल : लेडी डॉक्टर बनकर आई मरीज़ ने बनाया अश्लील वीडियो, 5 लाख की रंगदारी मांगते ही पुलिस ने दबोचा जानकी होटल में अघोषित सैलून बार : पुलिस की बड़ी रेड में मैनेजर गिरफ्तार, शराब और कैश का जखीरा बरामद आसमान से बरसी आफत : आकाशीय बिजली गिरने से घर जल कर खाक, बाल-बाल बचा परिवार ससुराल में चोर दामाद : साढू संग करता था रेकी, पत्नियां खपाती थीं माल, 1600 CCTV ने खोला राज पुलिस बनी देवदूत : कहीं मौत के मुंह से खींच लाए ड्राइवर, तो कहीं खाक होने से बचा ली दुकानें पेट्रोल-डीजल 3 रुपए महंगा : रायपुर में पेट्रोल 103 रुपए के पार, डीजल भी 96 के करीब हाई-प्रोफाइल जाल : लेडी डॉक्टर बनकर आई मरीज़ ने बनाया अश्लील वीडियो, 5 लाख की रंगदारी मांगते ही पुलिस ने दबोचा जानकी होटल में अघोषित सैलून बार : पुलिस की बड़ी रेड में मैनेजर गिरफ्तार, शराब और कैश का जखीरा बरामद आसमान से बरसी आफत : आकाशीय बिजली गिरने से घर जल कर खाक, बाल-बाल बचा परिवार ससुराल में चोर दामाद : साढू संग करता था रेकी, पत्नियां खपाती थीं माल, 1600 CCTV ने खोला राज पुलिस बनी देवदूत : कहीं मौत के मुंह से खींच लाए ड्राइवर, तो कहीं खाक होने से बचा ली दुकानें पेट्रोल-डीजल 3 रुपए महंगा : रायपुर में पेट्रोल 103 रुपए के पार, डीजल भी 96 के करीब
W 𝕏 f 🔗
होम देश प्यासे वादों की बलि चढ़ते रिश्ते : कोढ़वा गांव मे…
विकास के दावों की खुली पोल
विकास के दावों की खुली पोल
देश ⭐ Featured

प्यासे वादों की बलि चढ़ते रिश्ते : कोढ़वा गांव में जल संकट ने उजाड़े हँसते-खेलते परिवार, बहुओं ने किया मायके पलायन

मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के कोढ़वा गांव में भीषण जल संकट ने लोगों का जीवन संकट में डाल दिया है। गांव के करीब 200 परिवार रोजाना पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जहां महिलाओं और बच्चों को सुबह 4 बजे से कई किलोमीटर दूर जाकर घंटों लाइन में लगना पड़ता है। पानी की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, महिलाएं बीमारियों का शिकार हो रही हैं और गांव का तालाब भी दूषित हो चुका है। हालात इतने खराब हैं कि कई बहुएं पानी की समस्या से परेशान होकर ससुराल छोड़ मायके लौट गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल टैंकर और नए बोरवेल की मांग की है, वरना गांव के खाली होने का खतरा बढ़ता जा रहा है।

कीर्तिमान न्यूज
15 May 2026, 02:11 PM
📍 मध्यप्रदेश

एक तरफ देश और राज्य में 'हर घर जल' और 'नल-जल योजना' के तहत करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश के नवगठित जिले मऊगंज से एक ऐसी हृदयविदारक जमीनी हकीकत सामने आई है, जिसने विकास के तमाम दावों की पोल खोल कर रख दी है। यहाँ प्यास, इंसानी रिश्तों पर इस कदर भारी पड़ रही है कि पानी की किल्लत अब हँसते-खेलते परिवारों को उजाड़ रही है।

मामला हनुमना विकासखंड के कोढ़वा गांव का है, जहाँ जल संकट इस कदर गहरा गया है कि तंग आकर बहुएं अपने ससुराल को छोड़ मायके पलायन करने पर मजबूर हो गई हैं।

सुबह 4 बजे से 'पानी की अग्निपरीक्षा'

लगभग 200 परिवारों की आबादी वाले कोढ़वा गांव की सुबह किसी सामान्य गांव की तरह नहीं होती। यहाँ सुबह के 4 बजते ही महिलाओं और मासूम बच्चों के हाथों में बाल्टियाँ और डिब्बे सज जाते हैं। पथरीला इलाका होने के कारण यहाँ का भूजल स्तर (Water Table) पाताल में जा चुका है।

ग्रामीणों के मुताबिक, पूरे 2 किलोमीटर के दायरे में महज एक सरकारी चालू नल है। वहाँ भी पानी का प्रेशर इतना कम है कि सिर्फ एक बाल्टी पानी भरने के लिए महिलाओं को घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।

"यह समस्या आज की नहीं है, पिछले 10 सालों से हम नरकीय जीवन जी रहे हैं। चुनाव आते हैं, नेता आते हैं, वादे करते हैं और चले जाते हैं। हमारे 200 परिवारों की सुध लेने वाला आज तक कोई नहीं आया।"लल्लू यादव, स्थानीय निवासी

स्कूल छूटे, तालाब का पानी जहरीला

गांव की इस त्रासदी का सबसे बुरा असर महिलाओं के स्वास्थ्य और बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है:

  • बीमारियों का घर: महिलाएं करीब 1.5 से 2 किलोमीटर दूर 'गदाखुर स्कूल' के पास स्थित एकमात्र नल से पानी लाने को मजबूर हैं। सिर और कमर पर भारी बर्तन उठाने के कारण गांव की अधिकांश महिलाएं गंभीर शारीरिक और रीढ़ की समस्याओं (Spinal issues) से जूझ रही हैं।

  • बचपन पर ग्रहण: पानी के इस संकट ने बच्चों को स्कूल से दूर कर दिया है। सुबह पढ़ाई करने के बजाय बच्चे अपनी माताओं के साथ पानी ढोने में मदद करते हैं।

  • जहरीला हो चुका है तालाब: गांव का इकलौता तालाब अब सिर्फ कागजों या नाम का रह गया है। उसका पानी इतना दूषित और जहरीला हो चुका है कि वह इंसानों को छोड़िए, मवेशियों (जानवरों) के पीने लायक भी नहीं बचा है।


प्रशासनिक दावों को ठेंगा दिखाती हकीकत

एक तरफ जहां जिला प्रशासन और कागजी आंकड़े दावा करते हैं कि 'जल जीवन मिशन' के तहत हर घर तक पानी पहुँच रहा है, वहीं कोढ़वा गांव इन दावों के खोखलेपन को चीख-चीख कर बयां कर रहा है।

टूटते रिश्ते और पलायन का डर: आलम यह है कि पानी की इस अंतहीन किल्लत से तंग आकर कई नई नवेली बहुओं ने यह शर्त रख दी है कि जब तक गांव में पानी नहीं आएगा, वे वापस ससुराल नहीं लौटेंगी। मजबूर पति और परिवार के पुरुष अपनी आर्थिक तंगी के कारण टैंकरों से पानी खरीदने में असमर्थ हैं और सिर्फ बेबसी से सिर झुकाए खड़े रहते हैं।

ताजा स्थिति 

वर्तमान में स्थिति और भी भयावह हो चुकी है। अगर प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत टैंकरों की व्यवस्था नहीं की या नए बोरवेल नहीं खुदवाए, तो वह दिन दूर नहीं जब यह पूरा गांव 'भूतिया गांव' (Ghost Village) में तब्दील हो जाएगा। ग्रामीण अब इस उम्मीद में हैं कि शायद नवगठित जिले के आला अधिकारी और सूबे के मुखिया इस मानवीय संकट का संज्ञान लेंगे और इस गांव को उजड़ने से बचाएंगे।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
📱 हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
सरकारी सूचना राजनीति अतिथि
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश विदेश
ग्लैमर
शिक्षा/करियर सेहत खेल कारोबार पर्यटन धर्म राशिफल/ज्योतिष 🌙 डार्क/लाइट मोड ✍️ डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
🎬
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

⚠️
सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
🔔
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें