पश्चिम बंगाल में आयोजित भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती का एक अलग अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कार्यक्रम में जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मिथुन से मुलाकात की, तब कैमरों की नजर उनके स्टाइलिश लुक पर टिक गई। काला चश्मा, आत्मविश्वास भरा व्यक्तित्व और सिर पर लाल रंग की स्टार लगी कैप ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी।
यह कैप सामान्य टोपी नहीं, बल्कि “बेरेट कैप” (Beret Cap) कहलाती है। गोल और
मुलायम डिजाइन वाली यह टोपी मूल रूप से फ्रांस और स्पेन के क्षेत्रों में प्रचलित
थी, लेकिन समय के साथ यह सेना, कला,
फैशन और क्रांतिकारी आंदोलनों का प्रतीक बन गई। दुनिया के कई सैन्य
बलों में आज भी बेरेट कैप सम्मान और पहचान का प्रतीक मानी जाती है।
मिथुन चक्रवर्ती की कैप को देखकर लोगों को सबसे
ज्यादा याद आए क्रांतिकारी नेता चे ग्वेरा।
चे ग्वेरा अक्सर काले रंग की बेरेट कैप पहनते थे, जिसके बीच में पीतल
का छोटा सितारा लगा होता था। यह सितारा उनके “कमांडर” पद का प्रतीक माना जाता था।
बाद में उनकी तस्वीरें और पोस्टर दुनियाभर में विद्रोह, युवा
सोच और बदलाव के प्रतीक बन गए।
फैशन विशेषज्ञों के अनुसार, बेरेट कैप केवल राजनीतिक या ऐतिहासिक प्रतीक नहीं रही, बल्कि अब यह “रेट्रो फैशन” का हिस्सा बन चुकी है। युवाओं के बीच इसकी
लोकप्रियता इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि यह व्यक्तित्व को अलग और क्लासिक लुक देती
है। खासकर विंटर फैशन, स्ट्रीट स्टाइल और फोटोशूट में इसका
ट्रेंड तेजी से बढ़ा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मिथुन चक्रवर्ती का यह लुक तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स इसे “ओल्ड स्कूल स्वैग” बता रहे हैं, तो कुछ इसे भारतीय राजनीति और बॉलीवुड के मिश्रित स्टाइल का नया उदाहरण मान रहे हैं। एक दौर में केवल सैन्य और क्रांतिकारी पहचान मानी जाने वाली बेरेट कैप अब युवाओं के फैशन स्टेटमेंट में बदलती दिखाई दे रही है।
