📅 Thursday, 21 May 2026 भारत
W 𝕏 f 🔗
होम देश भारत : परमाणु ताकत बढ़ाने की कोशिश में पाकिस्तान,…
पाकिस्तान ने चीन से मांगी परमाणु मदद चीन ने किया इंकार
पाकिस्तान ने चीन से मांगी परमाणु मदद चीन ने किया इंकार
देश

भारत : परमाणु ताकत बढ़ाने की कोशिश में पाकिस्तान, चीन के इनकार से खुली पोल

एक कथित लीक डिप्लोमैटिक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ अपनी परमाणु ताकत बढ़ाने के लिए चीन से “सेकेंड स्ट्राइक” क्षमता विकसित करने में मदद मांगी थी। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान समुद्र आधारित परमाणु हमला करने की क्षमता हासिल करना चाहता था, लेकिन चीन ने अंतरराष्ट्रीय दबाव और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका के चलते यह मांग ठुकरा दी

कीर्तिमान नेटवर्क
18 May 2026, 12:00 PM
📍 नई दिल्ली
दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब पाकिस्तान की एक कथित लीक डिप्लोमैटिक रिपोर्ट में यह दावा सामने आया कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ अपनी परमाणु ताकत बढ़ाने के लिए चीन से अत्याधुनिक न्यूक्लियर मदद मांगी थी। रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामाबाद “न्यूक्लियर ट्रायड” यानी जमीन, हवा और समुद्र — तीनों माध्यमों से परमाणु हमला करने की क्षमता हासिल करना चाहता था। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह रहा कि पाकिस्तान ने चीन से समुद्र के भीतर से परमाणु हमला करने वाली “सेकेंड स्ट्राइक क्षमता” विकसित करने में मदद मांगी, लेकिन चीन ने यह मांग ठुकरा दी। यह जानकारी सामने आते ही रणनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल तेज हो गई है।

सेकेंड स्ट्राइक’ क्षमता  क्या है

सेकेंड स्ट्राइक क्षमता किसी भी परमाणु शक्ति की सबसे खतरनाक और मजबूत रक्षा क्षमता मानी जाती है। इसका मतलब है कि यदि कोई दुश्मन देश पहले परमाणु हमला कर दे, तब भी हमला झेलने वाला देश समुद्र में मौजूद अपनी पनडुब्बियों से जवाबी परमाणु हमला कर सके। दुनिया के बड़े परमाणु देशों के लिए यह क्षमता इसलिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि यह किसी भी दुश्मन को यह संदेश देती है कि पहले हमला करने के बावजूद वह पूरी तरह सुरक्षित नहीं बच पाएगा। यही कारण है कि अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और भारत जैसे देशों ने अपनी समुद्र आधारित परमाणु ताकत को लगातार मजबूत किया है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि “सेकेंड स्ट्राइक” क्षमता ही किसी देश की वास्तविक परमाणु प्रतिरोधक ताकत मानी जाती है। क्योंकि जमीन पर मौजूद मिसाइल ठिकाने और एयरबेस युद्ध के दौरान निशाना बन सकते हैं, लेकिन समुद्र में छिपी परमाणु पनडुब्बियों को ढूंढना बेहद मुश्किल होता है।

पाकिस्तान क्यों चाहता था यह ताकत

भारत की बढ़ती समुद्री और परमाणु ताकत पाकिस्तान की चिंता का बड़ा कारण है। भारत के पास पहले से मजबूत समुद्र आधारित परमाणु क्षमता मौजूद है, जबकि पाकिस्तान इस मामले में पीछे माना जाता है। भारत की परमाणु पनडुब्बियां और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन को बदल चुकी हैं। ऐसे में पाकिस्तान को डर था कि यदि भविष्य में कोई बड़ा संघर्ष हुआ, तो उसकी जमीन आधारित परमाणु क्षमता पहले हमले में कमजोर पड़ सकती है। इसी वजह से पाकिस्तान अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए चीन की मदद चाहता था। पाकिस्तान लंबे समय से “फुल स्पेक्ट्रम डिटरेंस” की रणनीति पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य भारत के खिलाफ हर स्तर पर जवाबी क्षमता बनाए रखना है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान केवल तकनीकी सहायता ही नहीं, बल्कि समुद्र से लॉन्च होने वाली परमाणु मिसाइल प्रणाली और उससे जुड़ी सामरिक ट्रेनिंग भी चाहता था।

चीन ने क्यों किया इनकार

रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने कई कारणों से पाकिस्तान की इस मांग को ठुकरा दिया।सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय दबाव और परमाणु अप्रसार नियम बताए जा रहे हैं। यदि चीन पाकिस्तान को इतनी संवेदनशील तकनीक देता, तो उस पर परमाणु प्रसार बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लग सकते थे। चीन नहीं चाहता था कि दक्षिण एशिया में परमाणु हथियारों की होड़ और ज्यादा खतरनाक स्तर तक पहुंच जाए। इसके अलावा चीन भारत के साथ तनाव को और बढ़ाना नहीं चाहता था। भारत और चीन के बीच पहले से सीमा विवाद और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा चल रही है। ऐसे में यदि चीन खुलकर पाकिस्तान को समुद्र आधारित परमाणु क्षमता विकसित करने में मदद करता, तो यह भारत के लिए बड़ा सामरिक खतरा माना जाता। कुछ रक्षा विश्लेषकों का यह भी मानना है कि चीन पाकिस्तान की आंतरिक अस्थिरता को लेकर भी चिंतित था। पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक संकट, राजनीतिक उथल-पुथल और आतंकी गतिविधियों जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसी स्थिति में इतनी संवेदनशील परमाणु तकनीक साझा करना चीन के लिए भी जोखिम भरा कदम हो सकता था।

रिपोर्ट में और भी बड़े दावे

इस कथित लीक रिपोर्ट में कई और सनसनीखेज दावे किए गए हैं। इसमें इमरान खान सरकार को हटाने में विदेशी दबाव, ग्वादर पोर्ट पर चीन की बढ़ती भूमिका और पाकिस्तान सेना के गुप्त संपर्कों का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान और चीन के बीच गुप्त सामरिक बातचीत लंबे समय से चल रही थी। इसमें हिंद महासागर में सैन्य सहयोग, नौसैनिक रणनीति और चीन की क्षेत्रीय मौजूदगी को लेकर भी चर्चा हुई थी। कुछ दावों में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान चीन को अतिरिक्त सैन्य सुविधाएं देने पर विचार कर रहा था। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। इन खुलासों ने पाकिस्तान की रणनीतिक नीतियों और उसके “डबल गेम” पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

भारत के लिए अहम है यह मामला

यदि पाकिस्तान समुद्र आधारित परमाणु क्षमता हासिल कर लेता, तो दक्षिण एशिया का सामरिक संतुलन बदल सकता था। यही वजह है कि भारतीय रणनीतिक हलकों में इस रिपोर्ट को बेहद गंभीर माना जा रहा है। भारत लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक बढ़त बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में पाकिस्तान की संभावित समुद्र आधारित परमाणु क्षमता भारत के लिए नई सुरक्षा चुनौती बन सकती थी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला दिखाता है कि भारत, पाकिस्तान और चीन के बीच सामरिक प्रतिस्पर्धा अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि परमाणु और समुद्री ताकत तक पहुंच चुकी है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में हिंद महासागर क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इसके साथ ही परमाणु हथियारों की दौड़ को लेकर वैश्विक चिंता भी बढ़ सकती है। फिलहाल इस लीक रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया की राजनीति और सुरक्षा समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि पाकिस्तान भविष्य में अपनी परमाणु रणनीति को किस दिशा में ले जाता है और चीन उसके साथ कितनी दूरी या नजदीकी बनाए रखता है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
📱 हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए सरकारी सूचना राजनीति अतिथि
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश विदेश
ग्लैमर
शिक्षा/करियर सेहत खेल कारोबार पर्यटन धर्म राशिफल/ज्योतिष 🌙 डार्क/लाइट मोड ✍️ डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
🎬
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

⚠️
सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
🔔
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें