भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह आई तेज गिरावट ने निवेशकों और दिग्गज कंपनियों दोनों को झटका दिया। BSE Sensex 1,829.33 अंक (2.33%) और Nifty 50 455.6 अंक (1.87%) की गिरावट के साथ बंद हुआ। इस गिरावट का सीधा असर देश की शीर्ष 10 मूल्यवान कंपनियों पर पड़ा, जिनमें से 7 के मार्केट कैप में भारी गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और आईटी सेक्टर के कमजोर तिमाही नतीजों ने बाजार पर दबाव बनाया।
इन कंपनियों को लगा सबसे बड़ा झटका
सबसे
ज्यादा नुकसान Tata Consultancy Services को
हुआ, जिसका मार्केट कैप करीब ₹66,699 करोड़ घट गया। इसके अलावा
Reliance Industries को
₹50,670 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा।
अन्य प्रभावित कंपनियां:
- HDFC
Bank –
₹23,090 करोड़
की गिरावट
- Life
Insurance Corporation of India – ₹19,670 करोड़ का नुकसान
- Bharti Airtel – ₹19,406 करोड़ की गिरावट
- ICICI Bank – ₹14,663 करोड़ की कमी
- Larsen & Toubro – ₹11,142 करोड़
का नुकसान
गिरते बाजार में
इन 3 ने बचाई साख
मंदी के
बीच भी कुछ कंपनियों ने मजबूती दिखाई और उनका मार्केट कैप बढ़ा:
- Hindustan
Unilever
– ₹20,652 करोड़
की बढ़त
- State Bank of India – ₹19,522 करोड़
का इजाफा
- Bajaj
Finance
– ₹8,253 करोड़
की वृद्धि
क्या संकेत दे रही है यह गिरावट : यह गिरावट साफ संकेत देती है कि वैश्विक अनिश्चितता, महंगे कच्चे तेल और सेक्टर-विशेष कमजोरियों का असर भारतीय बाजार पर गहराता जा रहा है। खासकर आईटी और ऊर्जा क्षेत्र दबाव में हैं, जबकि FMCG और बैंकिंग के कुछ हिस्से अभी भी स्थिरता दिखा रहे हैं।

