देश में बुलेट ट्रेन नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में भारतीय रेलवे बड़ा कदम उठाने जा रहा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के बाद अब सात नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की योजना पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के लिए रेलवे अपना खुद का हाई-स्पीड रेल सिग्नलिंग प्रोटोकॉल भारत ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (BTCS) विकसित कर रहा है।
रेलवे की योजना देश में करीब 7,000 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को विकसित करने की है। BTCS को भारतीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम हो सकेगी। केंद्र सरकार ने सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इनके रूट और डिजाइन को अगले साल के मध्य तक अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नया सिस्टम मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) परियोजना से मिले अनुभव के आधार पर विकसित किया जाएगा।
BTCS से कम होगी लागत, बढ़ेगी आत्मनिर्भरता
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भारत ट्रेन कंट्रोल सिस्टम ओपन-सोर्स और किफायती तकनीक पर आधारित होगा। इसे देश के अलग-अलग हिस्सों में हाई-स्पीड ट्रेन संचालन की जरूरतों के हिसाब से आसानी से बदला जा सकेगा। इस स्वदेशी तकनीक के आने से भारतीय रेलवे के डिजाइन और उपकरण बनाने वाली घरेलू कंपनियों को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य में इस तकनीक को दूसरे देशों को भी उपलब्ध कराया जा सकता है।
बुलेट ट्रेन में लगाया जा रहा ETCS सिस्टम
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए फिलहाल यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ETCS) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। पिछले साल नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने सिग्नलिंग सिस्टम के लिए करीब 4,100 करोड़ रुपये का ठेका दिनेशचंद्र आर अग्रवाल इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड और जर्मनी की सीमेंस के कंसोर्टियम को दिया था।
जापान ने उठाए थे सवाल
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर जापान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई थी। जापान के पूर्व मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारत के ओपन-सोर्स सिग्नलिंग प्रोटोकॉल अपनाने के फैसले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि भारत इस परियोजना में जापानी डिजिटल ऑटोमैटिक ट्रेन कंट्रोल तकनीक पर पूरी तरह निर्भर नहीं है।
रेलवे ने कहा- बेहतर प्रस्ताव जापानी तकनीक पर भी विचार
जापान की आपत्तियों पर रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जापान की हिताची कंपनी की ट्रेनें ETCS सिस्टम के साथ काम कर सकती हैं। हालांकि, इसके लिए जापानी कंपनियों को उपयुक्त प्रस्ताव देने होंगे। अधिकारियों का कहना है कि यदि बेहतर तकनीकी प्रस्ताव मिलते हैं तो भारत भविष्य में जापानी प्रोटोकॉल को अपनाने पर भी विचार कर सकता है। फिलहाल रेलवे का लक्ष्य देश में हाई-स्पीड रेल के लिए एक मजबूत और स्वदेशी नियंत्रण प्रणाली विकसित करना है।