Gandhinagar building collapse: निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत का स्लैब ढहा, मलबे से 15 मजदूर निकाले गए, 12 अस्पताल में भर्ती
Gandhinagar building collapse: कुडासन इलाके में निर्माणाधीन 'बोस्की द एम्पायर' इमारत का स्लैब अचानक गिर गया। हादसे के समय ढलाई का काम चल रहा था, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए। पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत टीमों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर 15 मजदूरों को बाहर निकाला, जिनमें 12 गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे की वजह क्रेन के असंतुलित होकर गिरने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
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कीर्तिमान न्यूज
10 Sep 2026, 08:29 AM
गांधीनगर
Gandhinagar building collapse: कुडासन इलाके में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां 'बोस्की द एम्पायर' नाम की एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत का भारी-भरकम स्लैब अचानक नीचे आ गिरा। हादसे के वक्त मौके पर ढलाई का काम चल रहा था, जिससे कई मजदूर सीधे मलबे की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपदा राहत की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। अंधेरा और भारी मलबे के कारण बचाव टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
क्रेन और कटर की मदद से की जा रही तलाश
फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मिलकर अब तक 15 मजदूरों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्लैब गिरते ही तेज आवाज हुई और चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए क्रेन और कटर की मदद से तलाश जारी है। घटना की सूचना मिलते ही स्थिति का जायजा लेने पहुंचे गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने मीडिया को बताया कि राहत कार्य प्राथमिकता पर किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि मलबे से निकाले गए 15 मजदूरों में से 12 को गंभीर चोटें आने के कारण गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
स्लैब गिरने के बाद राहत बचाव अभियानसामने आई क्रेन के असंतुलित होकर गिरने की बात
वहीं, 3 मजदूरों को मामूली प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। प्राथमिक जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, साइट पर काम के दौरान इस्तेमाल की जा रही एक क्रेन के अचानक असंतुलित होकर गिरने की बात सामने आ रही है। माना जा रहा है कि क्रेन के भारी दबाव या टक्कर के कारण ही इमारत की ढली हुई स्लैब ताश के पत्तों की तरह ढह गई। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
मलबे में दबे लोगों को बचाना पहली प्राथमिकता
देर रात हुए इस हादसे ने निर्माणाधीन इमारतों में मजदूरों की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर देर रात काम के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और क्रेन की स्थिति कैसी थी। प्रशासन ने साफ किया है कि फिलहाल पहली प्राथमिकता मलबे में दबे संभावित लोगों को बचाना है, इसके बाद निर्माण कंपनी, सुरक्षा मानकों और सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।