देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने एक बार फिर आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालिया बढ़ोतरी के बाद ईंधन के दामों में स्थिरता न दिखने से महंगाई का दबाव और तेज हो गया है। लगातार बढ़ते दामों के इस सिलसिले ने घरेलू बजट से लेकर परिवहन लागत तक हर स्तर पर असर डालना शुरू कर दिया है।स मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य एवं महिला कांग्रेस प्रभारी सकून डहरिया ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार की आर्थिक नीतियां आम जनता को राहत देने के बजाय महंगाई को और बढ़ावा दे रही हैं, जिसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है।
परिवहन लागत बढ़ने से हर जरूरत की वस्तु महंगी होने की आशंका
सकून डहरिया ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों को केवल वाहन ईंधन तक सीमित नहीं माना जा सकता, बल्कि इसका असर पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ता है। डीजल महंगा होने से मालभाड़ा बढ़ जाता है, जिससे सब्जियां, दालें, खाद्य तेल और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं महंगी हो जाती हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई कीमतों में बढ़ोतरी ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में महंगाई और अधिक बढ़ सकती है। इसका सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा।
किसानों और रसोई पर सीधा असर
सकून डहरिया ने यह भी चेतावनी दी कि
यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में घरेलू रसोई का खर्च करीब 30
प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जिससे मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों पर
अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा।
सरकार पर टैक्स नीति को लेकर सवाल
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय टैक्स वसूली पर अधिक ध्यान दे रही है। बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल पर टैक्स में राहत न देना आम जनता के साथ अन्याय है।सकून डहरिया ने मांग की कि पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए भारी करों में तत्काल कटौती की जाए और बढ़ी हुई कीमतों को नियंत्रित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस जनता की आवाज बनकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।उन्होंने कहा कि महंगाई पर नियंत्रण अब समय की सबसे बड़ी जरूरत है, अन्यथा इसका असर देश की आर्थिक स्थिति और आम नागरिकों के जीवन पर गंभीर रूप से पड़ेगा।

