महामंथन : गनतंत्र से गणतंत्र की ओर बढ़ा बस्तर, गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में जुड़ रहा चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों का मेला
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के दो दिवसीय बस्तर दौरे का आज सबसे अहम दिन है। जगदलपुर में आज मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित हो रही है, जिसमें छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल हो रहे हैं। नक्सलवाद से मुक्त घोषित किए जा चुके बस्तर में पहली बार इतने बड़े स्तर की रणनीतिक बैठक हो रही है। बैठक में सीमावर्ती राज्यों के समन्वय, विकास कार्यों और आंतरिक सुरक्षा को लेकर चर्चा होगी।
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कीर्तिमान न्यूज
19 May 2026, 10:55 AM
📍 जगदलपुर
बस्तर के इतिहास में आज एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो दिवसीय बस्तर दौरे का आज दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण दिन है। लाल आतंक के साए से पूरी तरह मुक्त हो चुके बस्तर के जगदलपुर में आज 'मध्य क्षेत्रीय परिषद' की 26वीं बैठक होने जा रही है। बस्तर के इतिहास में यह पहली बार है जब देश के इतने हाई-प्रोफाइल नेता और चार राज्यों के मुख्यमंत्री एक साथ इस धरती पर रणनीति तैयार करने जुटे हैं।
इस ऐतिहासिक बैठक की अध्यक्षता खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं। बैठक में हिस्सा लेने के लिए छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री सोमवार रात को ही जगदलपुर पहुंच चुके थे, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सुबह विशेष विमान से बस्तर की धरती पर उतरे।
बैठक के मुख्य एजेंडे:
सीमावर्ती राज्यों का समन्वय: छत्तीसगढ़, यूपी, एमपी और उत्तराखंड के बीच आपसी तालमेल।
विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर: अंदरूनी इलाकों में सड़क, बिजली, परिवहन और जल संसाधनों का विस्तार।
आंतरिक सुरक्षा: छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त होने के बाद अब सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत करना।
31 मार्च को मिली लाल आतंक से मुक्ति
यह बैठक महज एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि केंद्र सरकार का एक बहुत बड़ा रणनीतिक और राजनीतिक संदेश है। जिस बस्तर में कभी सुरक्षा कारणों से बड़े नेताओं के दौरे बेहद सीमित और कड़े पहरे में होते थे, आज वहां देश के शीर्ष नेता खुले आसमान के नीचे विकास का रोडमैप तैयार कर रहे हैं।
बदला बस्तर, बदली तस्वीर: पिछले कुछ महीनों में सुरक्षाबलों की आक्रामक रणनीति के कारण बड़े-बड़े नक्सली कमांडर ढेर या गिरफ्तार किए गए। इसी का परिणाम है कि 31 मार्च 2026 को बस्तर को आधिकारिक तौर पर नक्सलवाद मुक्त घोषित किया जा चुका है। अब सरकार का पूरा ध्यान इस इलाके को पर्यटन, निवेश और प्रशासनिक गतिविधियों का नया हब बनाने पर है।
"50 साल का नुकसान 5 साल में भरेंगे"
दौरे के पहले दिन गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर की जनता को संबोधित करते हुए एक बेहद भावुक और मजबूत भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा:
"बस्तर के लोगों ने पिछले 50 सालों में जो दर्द झेला है और जो नुकसान उठाया है, उसकी भरपाई हम आने वाले 4 से 5 सालों में करेंगे। जब तक बस्तर का पूर्ण विकास नहीं होगा, तब तक देश की तरक्की का हमारा संकल्प अधूरा रहेगा।"
मीडिया से संवाद पर टिकी नजरें
मध्य क्षेत्रीय परिषद की इस अहम बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह मीडिया से भी मुखातिब होंगे। माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए केंद्र सरकार बस्तर और मध्य भारत के विकास को लेकर कोई बड़ा विजन या नई योजनाओं का ऐलान कर सकती है। बस्तर के आदिवासियों और स्थानीय निवासियों के लिए आज का दिन वाकई एक नई सुबह की शुरुआत जैसा है।
गनतंत्र का खात्मा, गुंडाधुर की धरती बनेगी 'तीर्थस्थल'
अमित शाह ने बस्तर के उस काले दौर को भी याद किया जब यहां नक्सलियों का 'गनतंत्र' चलता था। उन्होंने कहा कि एक समय था जब नक्सली मासूम बच्चों को उठा ले जाते थे, स्कूल ब्लास्ट कर देते थे और गरीबों का राशन छीन लेते थे। लेकिन अब सरकार के कड़े कदमों से बस्तर इस खौफ से आजाद हो चुका है। अमर शहीद गुंडाधुर की इस ऐतिहासिक और क्रांतिकारी धरती को अब सरकार एकतीर्थस्थलके रूप में विकसित करने जा रही है, ताकि बस्तर को उसकी असली सांस्कृतिक पहचान वापस मिल सके।