बदलते मीडिया परिवेश में सूचना के स्रोतों की बाढ़ और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण आम लोगों का भरोसा पारंपरिक और डिजिटल मीडिया दोनों पर प्रभावित हो रहा है। ऐसे समय में सत्य और विश्वसनीयता को प्राथमिकता देने वाले मंचों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। इसी संदर्भ में प्रेस क्लब की अध्यक्ष रहीं वरिष्ठ महिला पत्रकार उत्तरा विदानी ने कीर्तिमान कार्यालय में सौजन्य भेंट के दौरान पत्रकार डॉ. नीरज गजेंद्र से चर्चा करते हुए कहा कि आज सूचना का प्रसार जितना तेज हुआ है, उतना ही उसमें भ्रम और असत्य की संभावना भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में सूचनाओं का एक तरह से शोर मचा हुआ है, जिसमें सच की आवाज को पहचान पाना आम व्यक्ति के लिए बेहद कठिन होता जा रहा है।
उत्तरा विदानी ने कहा कि मीडिया का मूल दायित्व सूचना
देने के साथ सत्य,
संतुलन और विश्वसनीयता के साथ जानकारियों को
प्रस्तुत करना है। यदि मीडिया इस मूल उद्देश्य से भटकता है, तो
समाज में भ्रम और अविश्वास की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने ‘कीर्तिमान’ जैसे
मंचों की सराहना करते हुए कहा कि यह एक ऐसा प्रयास है, जो
सूचना के इस शोर में सच्चाई की स्पष्ट और भरोसेमंद आवाज बन सकता है।
चर्चा के दौरान उन्होंने मीडिया के विकास क्रम पर
भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ट्रेडिंग मशीनों के दौर से लेकर आधुनिक
डिजिटल प्लेटफॉर्म तक के बदलावों को याद करते हुए कहा कि पहले जहां समाचार पत्र
सीमित संसाधनों और समयबद्ध प्रक्रिया के तहत प्रकाशित होते थे, वहीं आज अत्याधुनिक मशीनों और
डिजिटल तकनीकों ने सूचना को पलभर में वैश्विक स्तर तक पहुंचा दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक ने मीडिया को सशक्त
तो बनाया है, लेकिन
इसके साथ ही जिम्मेदारी भी कई गुना बढ़ गई है। आज हर व्यक्ति एक तरह से सूचना
प्रदाता बन गया है, लेकिन हर सूचना पत्रकारिता के मानकों पर
खरी नहीं उतरती। ऐसे में पेशेवर पत्रकारिता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
डॉ. नीरज गजेंद्र ने इस अवसर पर ‘कीर्तिमान’ के उद्देश्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्लेटफार्म का मुख्य लक्ष्य जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यात्मक और निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि कीर्तिमान खबर देने वाला माध्यम के साथ समाज के लिए एक विश्वसनीय मार्गदर्शक बने।
