आरंग महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना आरंग एवं मंदिरहसौद द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत टाउन हॉल आरंग में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 16 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे और नवदांपत्य जीवन की शुरुआत की।
कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह उत्साह, उमंग और सामाजिक समरसता से भरा रहा। 16 दूल्हों की बारात गाजे-बाजे के साथ निकाली गई, जिसने पूरे आयोजन को उत्सव में बदल दिया।
मंत्री सहित कई जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर केबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। नगर पालिका परिषद आरंग के अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत आरंग की अध्यक्ष टाकेश्वरी मुरली साहू ने की।
विशिष्ट अतिथियों में चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, जनपद पंचायत आरंग के उपाध्यक्ष रविन्द्र चन्द्राकर, नगर पालिका परिषद मंदिरहसौद के अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश यादव, नगर पंचायत चंदखुरी के अध्यक्ष प्रतीक बैस, उपाध्यक्ष रविकांत सोनी, नगर पंचायत समोदा के अध्यक्ष छोटेलाल सोनकर सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल रहे। नगर पालिका आरंग के उपाध्यक्ष हीरामन कोशले, भाजपा मंडल अध्यक्ष देवनाथ साहू, सभापति श्रीमती चितरेखा विक्रम परमार और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
वैदिक रीति से संपन्न हुए विवाह
सभी 16 जोड़ों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। पंडितों द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के बीच वर-वधु ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लिया। समारोह में उपस्थित परिजन और नागरिक इस भावुक क्षण के साक्षी बने।
सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और उपहार
योजना के अंतर्गत प्रत्येक वधु के बैंक खाते में 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही वर-वधु को विवाह का जोड़ा, श्रृंगार सामग्री, मंगलसूत्र और बिछिया भी भेंट किए गए। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने नवदंपतियों को सांकेतिक चेक एवं प्रमाण पत्र वितरित किए और उनके सुखद एवं समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं दीं।
मंत्री ने बताया—समाज में बदल रहा स्वरूप
अपने संबोधन में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ी राहत का काम किया है। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने अब तक 5500 से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिसे लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक सहायता देती है, बल्कि सामाजिक समानता और गरिमा के साथ विवाह की परंपरा को भी मजबूत करती है।
आयोजन में दिखा सामाजिक समरसता का संदेश
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वर-वधु पक्ष के परिजन और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। पूरा समारोह आपसी सहयोग, सामाजिक एकता और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के सफल संचालन में परियोजना अधिकारी सोमनाथ राजपूत (आरंग) एवं दीप्ति शुक्ला (मंदिरहसौद) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मंच संचालन ऋतु परिहार ने किया। इसके अलावा केसर द्विवेदी, आशा पात्रे, राजकुमारी द्विवेदी, अंजू लहरे, प्रीति वर्मा, अंजू तिर्की, वंदना दीक्षित, सरस्वती सोनी, रामेश्वरी वर्मा, नीता वर्मा, झरन धीवर, निर्मला खलको, पुष्प वर्मा एवं हेमंत शर्मा सहित विभागीय अमले और सहायिकाओं ने व्यवस्था संभाली।
समाज में सकारात्मक संदेश
सामूहिक विवाह समारोह ने न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहारा दिया, बल्कि समाज में सादगी, समानता और सामूहिकता का संदेश भी दिया। कार्यक्रम का समापन नवदंपतियों के मंगलमय जीवन की शुभकामनाओं के साथ हुआ।
