छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र में एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को हिला दिया है। यहां एक ग्रामीण ने अपनी बड़ी मां की बेरहमी से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी और फिर सबूत छिपाने के लिए शव को बाइक से ले जाकर जंगल में फेंक दिया।
चार दिन बाद जब सड़ा-गला शव मिला तो पूरे मामले का खुलासा हुआ और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, घटना का पता तब चला जब ग्राम बेहरामार निवासी लोकनाथ राठिया ने थाना छाल में अपनी 70 वर्षीय मां केवला बाई राठिया के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।
उसने आशंका जताई कि जमीन विवाद के चलते उसके चचेरे भाई आशन राठिया ने किसी अनहोनी को अंजाम दिया हो सकता है। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बेहरामार-जामपाली के जंगल क्षेत्र में दुर्गंध आ रही है और एक शव पड़ा हुआ है।
सड़ा-गला शव बरामद
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां झाड़ियों के बीच गड्ढे में एक वृद्ध महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। बाद में उसकी पहचान केवला बाई राठिया के रूप में की गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की और परिजनों से पूछताछ की।
लंबे समय से विवाद
जांच में सामने आया कि जमीन बंटवारे और बिक्री को लेकर केवला बाई और उसके चचेरे पोते आशन राठिया के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। 18 अप्रैल को जब केवला बाई महुआ बीनने जंगल गई थी, तभी आशन राठिया वहां पहुंचा और जमीन को लेकर बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर उसने वृद्ध महिला पर लात-घूंसों से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
अपराध स्वीकार
घटना के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के इरादे से शव को अपनी मोटरसाइकिल पर लादा और जंगल में झाड़ियों के बीच फेंक दिया। पुलिस ने जांच के दौरान संदेही आशन राठिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल की गई बाइक और जमीन से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जमीन या पारिवारिक विवाद में कानून अपने हाथ में लेना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी विवाद का समाधान हिंसा नहीं बल्कि बातचीत और कानूनी प्रक्रिया से करें।
पूरा मामला
- ग्राम बेहरामार में 70 वर्षीय केवला बाई राठिया लापता हो गई थीं, जिसकी रिपोर्ट उनके बेटे ने थाने में दर्ज कराई थी।
- चार दिन बाद उनका सड़ा-गला शव बेहरामार-जामपाली जंगल में झाड़ियों के बीच मिला।
- जांच में सामने आया कि जमीन विवाद को लेकर केवला बाई और उनके रिश्तेदार आशन राठिया के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था।
- 18 अप्रैल को जंगल में महुआ बीनते समय विवाद बढ़ा और आरोपी ने उन पर लात-घूंसों से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
- इसके बाद शव को बाइक से ले जाकर जंगल में फेंक दिया गया ताकि सबूत मिटाए जा सकें।

