छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर प्रवास के दौरान कुनकुरी क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात दी। विकासखंड कुनकुरी अंतर्गत ग्राम पंचायत कलिबा में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 16 करोड़ 5 लाख 91 हजार रुपए की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी, स्कूल भवन और महतारी सदन जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांव, गरीब और किसान तक विकास की सुविधाओं को सीधे पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ये निर्माण कार्य केवल संरचना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं।
12.86 करोड़ के 8 कार्यों का भूमिपूजन, दो बड़े पुलों की सौगात
कार्यक्रम में 12 करोड़ 86 लाख 3 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। लोक निर्माण विभाग (सेतु) के तहत दो महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय पुलों की मंजूरी दी गई है—
- कलिबा-टांगरबहार (बैगाटोली) मार्ग पर 5.11 करोड़ रुपए का पुल एवं पहुंच मार्ग
- बांसपतरा-दुलदुला मार्ग के चांपाझरिया नाला पर 5.90 करोड़ रुपए का पुल
इन पुलों से बरसात के दौरान आवागमन की समस्या खत्म होगी और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
किसानों को मिलेगा फायदा
छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड के तहत कलिबा में 57.66 लाख रुपए और बेहराखार में 80.59 लाख रुपए की लागत से आधुनिक हाट बाजार बनाए जाएंगे। इनमें कव्हर्ड शेड, बोरवेल, सीसी रोड जैसी सुविधाएं होंगी।
इन बाजारों से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर स्थान मिलेगा, वहीं स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलेगी।
शिक्षा को मिलेगा नया आधार
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कोरवाडेरा, डडगांव, बालक नारायणपुर और लालगोड़ा में नए स्कूल भवनों का भूमिपूजन किया गया। इससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी।

3.19 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण
कार्यक्रम में 3 करोड़ 19 लाख 88 हजार रुपए की लागत से 4 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। इनमें सबसे प्रमुख रहा—
- उपमंडी कुनकुरी में 2.45 करोड़ रुपए की लागत से बनी आधुनिक फल-सब्जी मंडी
इस मंडी में गोदाम, प्लेटफॉर्म, पार्किंग, टॉयलेट और सीसी रोड जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे किसानों और व्यापारियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
इसके अलावा ढोढ़ीबहार, नारायणपुर और केराड़ीह में 24.70 लाख रुपए प्रति इकाई की लागत से बने महतारी सदनों का भी लोकार्पण किया गया। इन केंद्रों में महिला समूहों, प्रशिक्षण और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने पर है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, स्कूल, बाजार और महिला केंद्र जैसी सुविधाएं गांवों में जीवन स्तर सुधारने का माध्यम हैं।
उन्होंने दावा किया कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार, शिक्षा और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे लोग
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
