मुरैना जिला अस्पताल से मानवता को शर्मसार करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में अस्पताल परिसर के भीतर एक नाबालिग बालिका को झाड़ू-पोंछा लगाते हुए देखा जा सकता है, जबकि उसके पास मौजूद एक महिला सफाई कर्मचारी आराम से मोबाइल फोन चलाती नजर आ रही है। यह दृश्य सामने आते ही लोगों में गहरी नाराजगी फैल गई और अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
नाबालिग से काम कराए जाने का गंभीर आरोप
बताया जा रहा है कि यह वीडियो जिला अस्पताल परिसर का है, जहां सफाई व्यवस्था के नाम पर एक नाबालिग बच्ची से काम कराया जा रहा था। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि बच्ची लगातार मेहनत कर परिसर की सफाई कर रही है, जबकि जिम्मेदार मानी जा रही महिला कर्मचारी किसी प्रकार की सक्रियता दिखाने के बजाय मोबाइल में व्यस्त है। यह मामला न केवल बाल श्रम कानूनों के उल्लंघन की ओर इशारा करता है, बल्कि अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता को भी उजागर करता है।
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा और प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया है। लोगों का कहना है कि जिस उम्र में बच्चों को स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए, उस उम्र में उनसे अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर काम कराया जाना बेहद गलत है। कई लोगों ने संबंधित कर्मचारियों, ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन पर उठे निगरानी व्यवस्था के सवाल
इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई कि किसी अधिकारी को इसकी जानकारी तक नहीं लगी। क्या अस्पताल परिसर में कार्यों की कोई नियमित निगरानी नहीं होती? यदि होती है तो फिर नाबालिग से काम कराए जाने जैसी गंभीर बात कैसे अनदेखी रह गई?
कार्रवाई की मांग और प्रशासन की चुप्पी
फिलहाल जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे लोगों में और भी आक्रोश बढ़ रहा है। वायरल वीडियो के बाद अब प्रशासनिक जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। आम जनता उम्मीद कर रही है कि इस मामले में जल्द ही जिम्मेदारों की पहचान कर उचित कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
