बागबाहरा विकासखंड के संभर धान उपार्जन केंद्र में 2430 क्विंटल धान की शॉर्टेज का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सदस्य एवं भारत स्काउट एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित बागबाहरा ने कलेक्टर महासमुंद को ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
अंकित बागबाहरा ने अपने ज्ञापन में कहा है कि पिछले खरीफ धान खरीदी सीजन के दौरान संभर उपार्जन केंद्र में 2430 क्विंटल यानी करीब 6075 कट्टा धान की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया और भुगतान व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
ज्ञापन के अनुसार खरीफ सीजन में किसानों से धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की गई थी। इस आधार पर 2430 क्विंटल धान का मूल्य करीब 75.33 लाख रुपए बैठता है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में धान की कमी केवल सामान्य सूखत का मामला नहीं माना जा सकता।
अन्य समितियों में हुई कार्रवाई, यहां क्यों नहीं
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिले की अन्य समितियों में धान गबन अथवा भौतिक सत्यापन के दौरान अनियमितता मिलने पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। ऐसे में संभर समिति के मामले में समान कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।
अंकित बागबाहरा का कहना है कि यदि संबंधित लोगों को केवल धान की भरपाई करने का अवसर दिया जाता है तो यह गलत संदेश जाएगा। वर्तमान में बाजार में धान का मूल्य करीब 1600 से 1700 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से हुई थी। इससे शासन को आर्थिक नुकसान होने की संभावना है।
जांच में इन सवालों के जवाब तलाशने की मांग
ज्ञापन में प्रशासन से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच कराने की मांग की गई है। इनमें यह पता लगाने की बात कही गई है कि कहीं फर्जी किसानों के नाम पर धान खरीदी और भुगतान तो नहीं किया गया, बिना धान पहुंचे भुगतान तो जारी नहीं हुआ, तथा इतनी बड़ी मात्रा में धान की कमी के लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं।प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
अंकित बागबाहरा ने कहा है कि यदि ऐसे मामलों में केवल भरपाई कर मामला समाप्त कर दिया गया तो भविष्य में धान खरीदी केंद्रों में अनियमितताओं को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल मामला कलेक्टर कार्यालय पहुंच चुका है और अब जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
मामले की प्रमुख बातें
- संभर धान उपार्जन केंद्र में 2430 क्विंटल धान की शॉर्टेज का दावा
- धान का अनुमानित मूल्य 75.33 लाख रुपए
- अंकित बागबाहरा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
- फर्जी खरीदी और भुगतान की आशंका जताई
- तत्काल FIR और विस्तृत जांच की मांग
- दोषियों से आर्थिक नुकसान की वसूली की भी मांग
