सुरक्षा का संगम : एनसीसी प्रशिक्षण शिविर में ट्रैफिक पुलिस ने दिया जीवन सुरक्षा का संदेश
अधिकारियों ने कैडेट्स को बताया कि यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि जीवन सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन है। इस अवसर पर कैडेट्स को भविष्य में ‘ट्रैफिक एंबेसडर’ बनकर समाज को जागरूक करने का आह्वान भी किया गया। शिविर में शामिल कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया और जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लिया।
शहर के वीआईपी रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर इन दिनों अनुशासन, राष्ट्र सेवा और नेतृत्व क्षमता के विकास का केंद्र बना हुआ है। यहां 1 छत्तीसगढ़ बटालियन एनसीसी, कोरबा द्वारा 10 दिवसीय वार्षिक एवं संयुक्त प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर में कैडेट्स को केवल सैन्य प्रशिक्षण ही नहीं दिया जा रहा, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति भी गहराई से जागरूक किया जा रहा है। शिविर का उद्देश्य युवाओं को ऐसे जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना है, जो देश सेवा के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव भी ला सकें।
शिविर के तहत गुरुवार को एक विशेष सत्र ‘यातायात की पाठशाला’ का आयोजन किया गया, जिसमें कैडेट्स को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत और व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को यातायात व्यवस्था की गंभीरता और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों को समझाना था।
इस सत्र में कोरबा ट्रैफिक पुलिस की टीम विशेष रूप से मौजूद रही, जिसने अपने अनुभवों के आधार पर कैडेट्स को महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
ट्रैफिक पुलिस टीम ने दिए जीवन सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश
एएसआई मनोज राठौर के नेतृत्व में पहुंची ट्रैफिक पुलिस टीम ने कैडेट्स को सड़क दुर्घटनाओं के कारणों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। टीम ने समझाया कि सड़क पर जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
इस अवसर पर हेड कांस्टेबल शंकरधर, कांस्टेबल गीतेश देवांगन, संजय लहरे और राम प्रसाद खैरवार भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर कैडेट्स को सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
यातायात नियमों की विस्तृत समझ : संकेत, दस्तावेज और अनुशासन पर जोर
पाठशाला के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। कैडेट्स को सड़क किनारे लगे यातायात संकेतों, लाइट सिग्नल और उनके सही अर्थों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही वाहन चलाते समय हेलमेट, सीट बेल्ट और वैध दस्तावेजों की अनिवार्यता पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं होते, बल्कि यह हर नागरिक के जीवन की सुरक्षा की पहली शर्त हैं। इसके अलावा लेन ड्राइविंग, ओवरटेकिंग और अनुशासित वाहन संचालन की बारीकियों को भी समझाया गया।
नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी के संगम का मंच बना एनसीसी शिविर
यह 10 दिवसीय एनसीसी शिविर केवल शारीरिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नेतृत्व क्षमता और सामाजिक चेतना विकसित करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी बन गया है। कोरबा सहित आसपास के जिलों से आए कैडेट्स यहां एक साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। शिविर में समय-समय पर ऐसे जागरूकता सत्र आयोजित कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक और भविष्य के नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में ट्रैफिक पुलिस टीम ने कैडेट्स से अपील की कि वे वर्दीधारी संगठन के सदस्य होने के नाते समाज में ‘ट्रैफिक एंबेसडर’ की भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि युवा अपने आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ ट्रैफिक संकेतों को समझा और भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर देश सेवा और समाज सुरक्षा में योगदान देने का संकल्प लिया।