प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल फाइलों और आँकड़ों में नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे की मुस्कान से मापी जाएगी। दुर्ग सर्किट हाउस में आयोजित 'सुशासन तिहार' की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जनहितकारी कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री श्री यादव ने प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास, राशन कार्ड, और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से लागू करने पर जोर दिया।
शिक्षा और स्वास्थ्य: भविष्य की नींव पर विशेष ध्यान
बैठक में मंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी। उन्होंने दुर्ग जिले के विकास के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
मॉडल स्कूल और कोचिंग: दुर्ग जिले में एक स्कूल को 'मॉडल स्कूल' के रूप में उन्नत किया जाएगा। विशेष रूप से, आदर्श कन्या विद्यालय में छात्राओं को JEE और NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क और विशेष कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
छात्रावासों का कायाकल्प: जिले के 34 छात्रावासों की वर्तमान स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए मंत्री ने आदिवासी विकास आयुक्त को तत्काल निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा के मानकों में कोई समझौता नहीं होगा।
गाँव-गाँव स्वास्थ्य जाँच: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की शत-प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में बीपी और शुगर जैसी बीमारियों के लिए विशेष जाँच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्व और प्रशासनिक सुधार: जनता को न लगाने पड़ें चक्कर
मंत्री यादव ने राजस्व विभाग को निर्देशित किया कि वर्षों से लंबित मामलों, विशेषकर समय-सीमा पार कर चुके प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सुशासन का अर्थ है कि आम नागरिक को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। 'सुशासन तिहार' में प्राप्त आवेदनों का निपटारा संवेदनशीलता के साथ त्वरित गति से किया जाए।
कृषि, खाद्य और बुनियादी ढांचा: जमीनी सुधार की तैयारी
राशन वितरण में पारदर्शिता: उचित मूल्य की दुकानों के संचालन में एकाधिकार खत्म करने के संकेत देते हुए मंत्री ने समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने सुनिश्चित करने को कहा कि दुकानों में आगामी 3 महीने का राशन एडवांस स्टॉक में रहे।
खेती और सिंचाई: किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, इसके लिए 19 नई सोसायटियों को सुदृढ़ करने और किसानों को कम पानी वाली फसलों (सोयाबीन, अरहर, चना) की ओर प्रेरित करने पर चर्चा हुई।
विद्युत विस्तार: मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के तहत सर्वे कर नए बिजली पोल लगाने और बुनियादी ढांचे को सुधारने के निर्देश दिए गए ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति बनी रहे।
औचक निरीक्षण और जवाबदेही
मंत्री ने अधिकारियों को सचेत किया कि प्रशासन अब केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री स्वयं शिविरों का औचक निरीक्षण करेंगे और सीधे जनता से फीडबैक लेंगे। जून माह से पहले व्यापक स्तर पर पौधारोपण के लिए भी वन विभाग को भूमि चिन्हांकन के निर्देश दिए गए हैं।
"प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना और जनहितकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी पूर्ण जवाबदेही के साथ कार्य करें।" - गजेन्द्र यादव, स्कूल शिक्षा मंत्री
बैठक में उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, दुर्ग जनपद अध्यक्ष कुलेश्वरी देवांगन, कलेक्टर अभिजीत सिंह, वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल, अपर कलेक्टर विरेन्द्र सिंह सहित भिलाई, दुर्ग, चरोदा और रिसाली नगर निगमों के आयुक्त एवं वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
