सूरजपुर जिले के अंबिकापुर–प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब जंगली हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक और एक युवा किसान की दर्दनाक मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने कल्याणपुर चौक पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर शव रखकर घंटों विरोध प्रदर्शन किया और वन विभाग के खिलाफ गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
घटना कल शाम की है, जब कल्याणपुर निवासी केशव भोय बाइक से महिला मजदूरों को छोड़ने दूसरे गांव जा रहे थे। रास्ते में पहले से मौजूद एक जंगली हाथी ने एक अन्य व्यक्ति का पीछा करना शुरू किया था। इसी दौरान केशव भी वहां पहुंच गए और हाथी का ध्यान उनकी ओर चला गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने केशव का पीछा करना शुरू कर दिया। इस दौरान बाइक पर बैठी महिला किसी तरह झाड़ियों में छिपकर अपनी जान बचाने में सफल रही, लेकिन केशव हाथी की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन, मुआवजे और नौकरी की मांग
घटना के बाद बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन कल्याणपुर चौक पर एकत्र हुए। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर लगभग आधे घंटे तक प्रदर्शन किया और अंबिकापुर–प्रतापपुर मुख्य मार्ग को बाधित कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए, दोनों बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाए और मुआवजे की राशि को बढ़ाया जाए। ग्रामीणों ने वर्तमान 6 लाख रुपये के मुआवजे को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने की मांग रखी।
वन विभाग पर लापरवाही के आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से हाथियों की निगरानी ठीक तरीके से नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि जंगल में भोजन और पानी की कमी के कारण हाथियों का झुंड लगातार गांवों की ओर रुख कर रहा है, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है और ग्रामीणों की जान खतरे में पड़ गई है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि पिछले कई महीनों से कल्याणपुर जंगल और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की लगातार आवाजाही बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
शाम ढलते ही बढ़ जाता है खतरा
ग्रामीणों के अनुसार, अंबिकापुर से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित कल्याणपुर जंगल में हाथियों का दल लंबे समय से डेरा डाले हुए है। शाम होते ही ये हाथी जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं, जबकि कई बार दिन के समय भी उनकी आवाजाही देखी गई है।
इस कारण न केवल किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, बल्कि ग्रामीणों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है। कोटबहरा गांव स्थित एक सरकारी स्कूल के आसपास भी हाथियों की मौजूदगी देखी गई है, जिससे बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रशासन की कार्रवाई और आश्वासन
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बाद में सूरजपुर एसडीएम शिवानी जायसवाल ने स्थिति को संभालते हुए ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना।
प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कराया गया और चक्का जाम हटाया गया। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
