Monday, 19 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
River Accident: नवरात्रि मेले में गुब्बारे बेचने आए 12 वर्षीय मासूम की कनहर नदी में डूबने से मौत Fee Scam: 3 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों पर लगा ज्यादा फीस वसूलने का आरोप, पुलिस कमिश्नर से FIR दर्ज करने की मांग Food Security: जीवित महिला को कागजों में मृत दिखाकर बंद किया राशन, निष्पक्ष जांच की उठी मांग Raipur Tyre Factory Fire: उरला औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप, टार रिसाव की आशंका CJP News: सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई अटकी, अब भी तिहाड़ में बंद Tiger Shroff Attack Case: मुंबई पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, कोटा रेलवे स्टेशन और बॉर्डर से 4 संदिग्ध दबोचे गए River Accident: नवरात्रि मेले में गुब्बारे बेचने आए 12 वर्षीय मासूम की कनहर नदी में डूबने से मौत Fee Scam: 3 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों पर लगा ज्यादा फीस वसूलने का आरोप, पुलिस कमिश्नर से FIR दर्ज करने की मांग Food Security: जीवित महिला को कागजों में मृत दिखाकर बंद किया राशन, निष्पक्ष जांच की उठी मांग Raipur Tyre Factory Fire: उरला औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप, टार रिसाव की आशंका CJP News: सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई अटकी, अब भी तिहाड़ में बंद Tiger Shroff Attack Case: मुंबई पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, कोटा रेलवे स्टेशन और बॉर्डर से 4 संदिग्ध दबोचे गए
W 𝕏 f
होम › रायगढ़ › हाथी का आतंक : लकड़ी बीनने गए ग्रामीण को कुचला; इ…
हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत
हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत
रायगढ़

हाथी का आतंक : लकड़ी बीनने गए ग्रामीण को कुचला; इलाके में 135 हाथियों का डेरा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के कापू रेंज में एक जंगली हाथी ने 55 वर्षीय ग्रामीण मालिकराम बंजारा पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गए। वह जंगल में जलाऊ लकड़ी लेने गए थे और देर रात तक घर नहीं लौटे। अगले दिन उनका शव जंगल में क्षत-विक्षत हालत में मिला। वन विभाग के अनुसार, इलाके में एक अकेला हाथी लगातार घूम रहा था और संभवतः उसी ने हमला किया।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 17 May 2026, 12:51 PM · अपडेट: 07 Oct 2026, 10:00 PM
रायगढ़
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

रायगढ़ जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। धरमजयगढ़ वन मंडल के कापू रेंज में एक जंगली हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान ग्राम इंदकालो निवासी मालिकराम बंजारा (55 वर्ष) के रूप में हुई है। वह शुक्रवार को जंगल में जलाऊ लकड़ी लेने गया था, जिसके बाद शनिवार सुबह उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। 

मिली जानकारी के अनुसार, मालिकराम बंजारा शुक्रवार दोपहर को पास के ही छेनापतरा जंगल में सूखी लकड़ियां इकट्ठा करने निकला था। जब देर रात तक वह घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों और परिजनों ने रात में ही उसकी तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण कुछ पता नहीं चल सका।

शनिवार सुबह जब खोजबीन दोबारा शुरू की गई, तो अलोला बीट के जंगल में मालिकराम का शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर साफ था कि उस पर किसी विशालकाय हाथी ने हमला किया है। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और स्थानीय पुलिस को दी।

सरगुजा से आए दलदली हाथी ने किया हमला!

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से सरगुजा क्षेत्र की ओर से आया एक अकेला हाथी कापू रेंज के अलोला बीट में लगातार विचरण कर रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इसी दंतैल हाथी ने ग्रामीण को अपना निशाना बनाया।

सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। वन विभाग ने पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

धर्मजयगढ़ वन मंडल में हाथियों का 'मेगा डेरा'

यह कोई पहली घटना नहीं है। धरमजयगढ़ और रायगढ़ का यह पूरा इलाका लंबे समय से मानव-हाथी द्वंद्व (Man-Elephant Conflict) का केंद्र बना हुआ है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस समय धर्मजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में कुल 135 हाथियों का विशाल दल अलग-अलग रेंजों में मौजूद है।

अलर्ट के बावजूद हुई अनहोनी, वन विभाग ने फिर की अपील

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथियों की आमद को देखते हुए प्रभावित गांवों में लगातार मुनादी (लाउडस्पीकर से घोषणा) कराई जा रही थी। ग्रामीणों से बार-बार अपील की जा रही थी कि वे अकेले या देर शाम जंगल के भीतर न जाएं। इसके बावजूद लकड़ी बीनने गए ग्रामीण की हाथी से मुठभेड़ हो गई।

प्रशासन की ग्रामीणों से जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह:

  • भोर (सुबह जल्दी) और शाम के वक्त जंगल की तरफ जाने से पूरी तरह बचें।

  • यदि जंगल में हाथी दिखने की सूचना मिले, तो उसे खदेड़ने या उसके पास जाकर सेल्फी लेने की कोशिश बिल्कुल न करें।

  • हाथियों के दल को देखकर शोर न मचाएं, इससे वे आक्रामक हो जाते हैं।

  • किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय वन रक्षक या कोटवार को सूचित करें।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें