Iran, United States और Israel के बीच हाल ही में चले लगभग 40 दिनों के तनावपूर्ण संघर्ष के बाद अब Strait of Hormuz को लेकर नई चिंता सामने आई है। अमेरिका ने दावा किया है कि युद्ध के दौरान ईरान द्वारा समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगें (माइंस) अब खुद उसी के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं।
जल्दबाजी में बिछाई गईं माइंस, नहीं रखा गया रिकॉर्ड
अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष के दौरान ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने और जहाजों की आवाजाही रोकने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर समुद्री माइंस बिछाईं। यह काम जल्दबाजी और अव्यवस्थित तरीके से किया गया, जिसके कारण इन माइंस की सटीक लोकेशन का कोई पुख्ता रिकॉर्ड नहीं रखा गया।
Islamic Revolutionary Guard Corps को ही नहीं मिल रही लोकेशन
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ईरान की प्रमुख सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) अब खुद इन माइंस की सटीक स्थिति का पता नहीं लगा पा रही है। समुद्र की तेज लहरों और धाराओं के कारण ये सुरंगें अपनी मूल जगह से खिसक भी सकती हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
आंशिक रूप से ही खुला है होर्मुज स्ट्रेट
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरान ने फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट का केवल एक संकरा मार्ग ही खोला है। इस रास्ते से भी केवल चुनिंदा जहाजों को टोल के साथ गुजरने की अनुमति दी जा रही है। बाकी क्षेत्र अब भी जोखिमपूर्ण माने जा रहे हैं और जहाजों को लगातार सावधानी बरतने की चेतावनी दी जा रही है।
वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां बारूदी सुरंगों की मौजूदगी न केवल समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
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कब तक सामान्य होगी स्थिति?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सभी माइंस को पूरी तरह खोजकर निष्क्रिय नहीं किया जाता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोलना संभव नहीं होगा। फिलहाल इस सवाल का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है कि स्थिति कब सामान्य होगी।
