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अवलोकितेश्वर प्रतिमा को सिरपुर में स्थापित करने की मांग उठी
अवलोकितेश्वर प्रतिमा को सिरपुर में स्थापित करने की मांग उठी
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74 वर्ष बाद लौट रही अवलोकितेश्वर प्रतिमा को सिरपुर में पुन: स्थापित करने की मांग तेज

महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय से चोरी हुई भगवान अवलोकितेश्वर की दुर्लभ कांस्य प्रतिमा के छत्तीसगढ़ लौटने की खबर के बाद इसे सिरपुर में पुनः स्थापित करने की मांग तेज हो गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मंदिर महासंघ ने केंद्रीय व राज्य संस्कृति मंत्री को पत्र लिखकर प्रतिमा को आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ सिरपुर में रखने की मांग की है।

कीर्तिमान ब्यूरो
कीर्तिमान ब्यूरो
18 May 2026, 07:05 PM
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय से दशकों पहले चोरी हुई भगवान अवलोकितेश्वर की दुर्लभ कांस्य प्रतिमा अब पुनः छत्तीसगढ़ लौट रही है। लगभग 19 करोड़ रुपए मूल्य की इस ऐतिहासिक प्रतिमा को अमेरिका द्वारा भारत को लौटाई गई 657 प्राचीन धरोहरों में शामिल किया गया है। प्रतिमा के भारत पहुंचने के बाद इसे वापस छत्तीसगढ़ लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इधर विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर सिरपुर की पुरातात्विक गरिमा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की मांग भी तेज हो गई है। मंदिर महासंघ के प्रमुख संयोजक एवं भारतीय सांस्कृतिक निधि के जिलाध्यक्ष दाऊलाल चंद्राकर ने कहा कि अवलोकितेश्वर की यह प्रतिमा सिरपुर की ऐतिहासिक पहचान है। इसे देश के किसी अन्य संग्रहालय में रखने के बजाय सिरपुर में ही आधुनिक सुरक्षा और संरक्षण व्यवस्था के साथ पुन: स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और शोधार्थी सिरपुर की समृद्ध बौद्ध एवं सांस्कृतिक विरासत को निकट से समझ सकें।
श्री गंधेश्वरनाथ महादेव मंदिर ट्रस्ट सिरपुर के ट्रस्टी विनोद चंद्राकर (पूर्व विधायक), शशि शर्मा तुमगांव, नुकेश चंद्राकर महासमुंद, सुखीराम हिरवानी सेनकपाट, थनवार यादव सिरपुर, मोहन वर्मा खड्सा ने कहा है कि सिरपुर छत्तीसगढ़ ही नहीं, भारतीय पुरातात्विक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में यहां के संग्रहालयों को उनकी ऐतिहासिक गरिमा और अंतरराष्ट्रीय महत्व के अनुरूप विकसित किया जाना आवश्यक है।
मंदिर महासंघ के संयोजक दानवीर शर्मा, डॉ. नीरज गजेंद्र, ईश्वर सिन्हा, आनंद गोयल, राजेश्वर खरे ने कहा कि यह प्रतिमा वर्ष 1939 में लक्ष्मण मंदिर के समीप प्राप्त कांस्य प्रतिमाओं के एक बड़े भंडार का हिस्सा बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि इसे रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया था, लेकिन वर्ष 1952 के आसपास संग्रहालय से यह प्रतिमा चोरी हो गई और बाद में इसकी तस्करी कर अमेरिका पहुंचा दी गई। अब अमेरिकी प्रशासन ने इसे भारत को वापस सौंप दिया है।
मालूम हो कि इस संबंध में मांग कर्ताओं ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और प्रदेश के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल को पत्र लिखकर प्रतिमा को सिरपुर भेजने का आग्रह किया है। जानकारी के अनुसार प्रतिमा फिलहाल भारत नहीं पहुंची है। इसके दिल्ली पहुंचने पर स्वयं संस्कृति मंत्री और संस्कृति विभाग के अधिकारी उसे रिसीव करने जाएंगे।

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