Saturday, 17 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
Raipur News : भाठागांव स्टैंड में बस के भीतर  झुलता मिला कंडक्टर का मृत शरीर, आत्महत्या  की आशंका Online Job Fraud: डाटा एंट्री जॉब का झांसा देकर 39 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार Murder Case: दो संदिग्ध मौतों से हड़कंप, हत्या और फांसी के मामले की जांच जारी Raipur Central Jail: नवरात्रि पर काली माता सेवा समिति की पहल, जेल में बंदियों को बांटे फल CG Crime News: तरुण नगर में तीन बच्चों से मारपीट का आरोप, मां गिरफ्तार CG News: बाल संप्रेक्षण गृह से फिर फरार हुआ अपचारी बालक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल Raipur News : भाठागांव स्टैंड में बस के भीतर  झुलता मिला कंडक्टर का मृत शरीर, आत्महत्या  की आशंका Online Job Fraud: डाटा एंट्री जॉब का झांसा देकर 39 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार Murder Case: दो संदिग्ध मौतों से हड़कंप, हत्या और फांसी के मामले की जांच जारी Raipur Central Jail: नवरात्रि पर काली माता सेवा समिति की पहल, जेल में बंदियों को बांटे फल CG Crime News: तरुण नगर में तीन बच्चों से मारपीट का आरोप, मां गिरफ्तार CG News: बाल संप्रेक्षण गृह से फिर फरार हुआ अपचारी बालक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
W 𝕏 f
होम › तकनीक › AI की जंग : कोडिंग की रेस में क्या वाकई पिछड़ गया…
एजेंटिक कोडिंग की जंग
एजेंटिक कोडिंग की जंग
तकनीक Featured

AI की जंग : कोडिंग की रेस में क्या वाकई पिछड़ गया है Google? CEO का बड़ा कबूलनामा

Google के CEO सुंदर पिचाई ने स्वीकार किया है कि AI-powered “Agentic Coding” टूल्स की रेस में उनकी कंपनी फिलहाल Anthropic से थोड़ा पीछे चल रही है। ‘The New York Times’ को दिए इंटरव्यू में पिचाई ने कहा कि लंबे और जटिल सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स को संभालने वाले AI Coding Agents के मामले में Anthropic ने शुरुआती बढ़त बना ली है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 29 May 2026, 11:16 AM · अपडेट: 17 Oct 2026, 04:58 AM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में हर दिन एक नई जंग छिड़ी हुई है। अब तक टेक इंडस्ट्री के सरताज रहे गूगल (Google) को लेकर एक ऐसी खबर आ रही है, जिसने पूरी दुनिया के टेक एक्सपर्ट्स को चौंका दिया है। गूगल के सीईओ (CEO) सुंदर पिचाई ने खुद इस बात को स्वीकार किया है कि 'एजेंटिक कोडिंग' (AI-powered Coding Agents) के मामले में उनकी कंपनी अपने प्रतिद्वंद्वियों से थोड़ा पीछे छूट गई है।

'द न्यूयॉर्क टाइम्स' (The New York Times) को दिए एक इंटरव्यू में सुंदर पिचाई ने ऑटोमेटेड प्रोग्रामिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की रेस पर खुलकर बात की। उन्होंने बेहद ईमानदारी से माना कि एआई स्टार्टअप 'एंथ्रोपिक' (Anthropic) इस समय सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के बड़े, जटिल और लंबे समय तक चलने वाले प्रोजेक्ट्स को गूगल के मुकाबले बेहतर तरीके से संभाल रहा है।

एंथ्रोपिक से कहाँ खा गया गूगल मात?

इंटरव्यू के दौरान जब पिचाई से गूगल की एआई क्षमताओं पर तीखे सवाल पूछे गए, तो उन्होंने सच को स्वीकार करने में देर नहीं लगाई। पिचाई ने कहा कि जब बात 'एजेंटिक कोडिंग' यानी ऐसे एआई टूल्स की आती है जो खुद निर्देशों को समझकर लंबा और जटिल कोड लिख सकें, तो वहाँ गूगल थोड़ा पीछे है।

  • डेवलपर मार्केट पर कब्जा: एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों ने शुरुआत में ही बेहद यूजर-फ्रेंडली और लोकप्रिय इंटरफेस लॉन्च कर दिए, जिससे गंभीर डेवलपर्स और टेक कंपनियों का झुकाव उनकी तरफ तेजी से बढ़ा।

  • यूजर डेटा की कमी: सुंदर पिचाई ने यह भी साफ किया कि इस विशिष्ट क्षेत्र में गूगल के पीछे रहने की एक बड़ी वजह शुरुआती दौर में पर्याप्त 'यूजर डेटा' का न होना भी था।

"जब टूल के इस्तेमाल, निर्देशों का सटीक पालन करने और लंबे समय तक चलने वाले जटिल कामों (Agentic Coding) की बात आती है, तो मुझे लगता है कि इस समय हम थोड़ा पीछे हैं। लेकिन हम इस पर बहुत आक्रामक तरीके से काम कर रहे हैं और यह पूरा सेक्टर बहुत तेजी से बदल रहा है।" - सुंदर पिचाई, सीईओ, गूगल

वापसी के लिए गूगल का मास्टर प्लान

भले ही गूगल इस समय कोडिंग एआई में पीछे चल रहा हो, लेकिन सुंदर पिचाई ने साफ कर दिया है कि वे मैदान छोड़ने वाले नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सॉफ्टवेयर बनाना और कोडिंग ही गूगल का सबसे बुनियादी और मुख्य (Core) काम है। गूगल आज जो कुछ भी है, उसकी असली ताकत कोडिंग ही है।

ऋषि-मुनियों की तरह धैर्य रखते हुए गूगल अपनी इस कमी को सुधारने में जुट गया है। इस रेस में दोबारा सबसे आगे निकलने के लिए कंपनी ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है:

1. Gemini 1.5 Flash (और आगामी मॉडल्स) का दांव

पिचाई ने बताया कि कंपनी ने हाल ही में जो कदम उठाए हैं, वे गेम-चेंजर साबित होंगे। इस अंतर को पाटने के लिए गूगल अपने एआई मॉडल्स को लगातार अपडेट कर रहा है, जो डेवलपर्स के बड़े और मुश्किल कोड बेस को आसानी से संभाल सकेंगे।

2. जनरल इंटेलिजेंस में अब भी नंबर 1

पिचाई ने यह याद दिलाना भी नहीं भूला कि भले ही वे खास प्रोग्रामिंग टूल्स में थोड़े पीछे हों, लेकिन सामान्य इंटेलिजेंस फीचर्स जैसे—टेक्स्ट प्रोसेसिंग, मल्टीमॉडैलिटी (Multimodality), वॉइस, ऑडियो और ओवरऑल रीजनिंग (तर्क-क्षमता) के मामले में गूगल के मॉडल्स आज भी दुनिया में सबसे आगे बने हुए हैं।

रेस अभी खत्म नहीं हुई है!

टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि सुंदर पिचाई का यह बयान गूगल की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी नई रणनीति का हिस्सा है। पिचाई ने साफ शब्दों में कहा कि वे इस रेस से बाहर नहीं हुए हैं। एआई का यह दौर बेहद डायनेमिक है और बहुत तेजी से बदल रहा है। गूगल को पूरा भरोसा है कि आने वाले नए अपडेट्स के जरिए वे न सिर्फ अपनी कमियों को पूरा कर लेंगे, बल्कि एआई कोडिंग एजेंट्स के इस बाजार में फिर से शीर्ष पर काबिज होंगे।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें