आज पूरा देश और दुनिया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। इस साल का यह उत्सव इसलिए भी खास है क्योंकि इसकी थीम बुजुर्गों और सीनियर सिटीजंस की सेहत को ध्यान में रखकर ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ तय की गई है। सुबह की पहली किरण के साथ ही देश के तमाम हिस्सों से योग उत्सव की बेहद खूबसूरत तस्वीरें सामने आने लगीं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत सरकार के दिग्गजों और आम जनता ने मिलकर आसन किए।
कोलकाता बना देश का मुख्य केंद्र
इस साल का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित किया गया, जो पूरे देश के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने कोलकाता पहुंचे। यहाँ के मैदान में एक साथ करीब 35,000 लोगों ने योग करके एक अदभुत माहौल बना दिया।
कोलकाता की इस ऊर्जा को देखकर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा:
"योग आज सिर्फ हमारी पर्सनल लाइफस्टाइल (निजी जीवन शैली) का हिस्सा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बेहतर और शांत दुनिया के भविष्य के लिए बेहद जरूरी जरूरत बन चुका है।"
पीएम मोदी ने इस दौरान कोलकाता के लोगों की एक खास पहल की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि योग के साथ-साथ यहाँ 'स्वच्छता के योग' और 'स्वच्छता से स्वागत' जैसे बेहतरीन प्रयास देखने को मिले हैं, जो वाकई काबिल-ए-तारीफ हैं।
झांसी के ऐतिहासिक किले से सीएम योगी का संदेश
दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार योग दिवस के लिए बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती को चुना। उन्होंने झांसी के ऐतिहासिक रानी लक्ष्मीबाई किले के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और योग किया।
प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा:
"महारानी लक्ष्मीबाई के इस वीर किले से मैं पूरे उत्तर प्रदेश को योग दिवस की बधाई देता हूं। हम सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने भारत की इस प्राचीन विरासत और परंपरा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। आज इसी की बदौलत 140 करोड़ भारतवासी गर्व से सिर उठा पा रहे हैं और 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।"
देशभर से आ रही तस्वीरें यह साफ बताती हैं कि योग अब सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि लोगों के जीवन का एक सहज हिस्सा बनता जा रहा है। खेल के मैदानों से लेकर सियासत के गलियारों और सरहद की चौकियों तक, आज हर जगह सिर्फ योग के ही रंग देखने को मिल रहे हैं।